Sunday, June 21, 2026
BREAKING
केंद्रीय जेल फरीदकोट से मोबाइल फोन बरामद, 2 हवालातियों और 3 बंदियों के खिलाफ केस दर्ज कबाड़ की दुकान में भीषण आग लगने से सहमे लोग, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम लुधियाना के मॉडल टाउन इलाके में खूनी टकराव: 'आप' नेता पर सरेराह फायरिंग के आरोप, बना दहशत का माहौल "हिमाचल भविष्य की चुनौतियों के लिए लोक निर्माण विभाग को बनाएगा आधुनिक और मजबूत", बोले CM सुक्खू Himachal : दिल की बीमारी का इंजेक्शन निकला नकली, दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई Shimla: HRTC चालक-परिचालक यूनियनों को वार्ता का न्यौता Haryana: रेवाड़ी में CM फ्लाइंग व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने पर निजी अस्पताल किया सील Haryana: दयालु योजना के हजारों लाभार्थियों को मिलेगा लाभ, 6 महीने तक कर सकेंगे क्लेम हरियाणा में अब आवारा कुत्ते नागरिकों को नहीं बना पाएंगे शिकार, केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम देश के सभी संस्थान भी अपने स्तर पर योग को अपनाएं, जिससे पूरे देश को मिलेगा लाभ- रमन बंसल

राष्ट्रीय

प्रधानमंत्री मोदी ने नौसेना को सौंपे तीन स्वदेशी युद्धपोत, कहा- 'स्वयं को तैयार कर रहा भारत'

21 जून, 2026 11:51 AM

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित तीन युद्धपोत आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिस देश का समुद्री सामर्थ्य मजबूत होगा, उसका आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव भी उतना ही मजबूत होगा। भारत इसके लिए स्वयं को तैयार कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज 21 जून को विश्व जल सर्वेक्षण दिवस (डब्ल्यूएचडी) के रूप में भी मनाया जाता है। यह बहुत ही अद्भुत संयोग है कि आज के दिन हमने भारत का सबसे उन्नत जल-सर्वेक्षण जहाज 'आईएनएस संशोधक' का कमीशन किया है। उन्होंने कहा कि आईएनएस अग्रय, आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस संशोधक को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया गवाह है कि समुद्री क्षमता के बिना कोई भी राष्ट्र बड़ी शक्ति नहीं बन सकता है। समुद्र से विकास जुड़ा है, सुरक्षा जुड़ी है और समृद्धि जुड़ी है। आज दुनिया का अधिकांश व्यापार समुद्री मार्गों से ही होता है। दुनिया को जोड़ने वाले विशाल नेटवर्क समुद्र के नीचे से गुजरते हैं। आने वाले समय में महत्वपूर्ण खनिज और नई ऊर्जा के स्त्रोत भी समुद्र से जुड़ेंगे। जिस देश का समुद्री सामर्थ मजबूत होगा, उसका आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव भी उतना ही मजबूत होगा। भारत इस वास्तविकता को अच्छी तरह समझता है। भारत इसके लिए स्वयं को तैयार कर रहा है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "आज का कार्यक्रम इस बात का साक्षी है कि हमारी क्षमता और कौशल क्या है। कुछ समय पहले हमने आईएनएस विक्रांत को राष्ट्र को समर्पित किया था, तब भारत ने अपने समुद्री सामर्थ के नए अध्याय का उद्घोष किया था। विश्वभर के सामने वह भारत के सामर्थ का उद्घोष था।"

उन्होंने कहा कि आईएनएस विक्रांत से लेकर आज तक की यात्रा सिर्फ नए युद्धपोतों की यात्रा नहीं है। यह भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता की यात्रा है। आज आईएनएस अग्रय, आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस संशोधक उसी यात्रा को नई गति दे रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि तीनों युद्धपोत भारत के तीन महत्वपूर्ण संकल्पों के भी प्रतीक हैं। इनका निर्माण भारत में हुआ है, इनकी डिजाइन भारत में तैयार हुई है, इनके निर्माण में भारतीय उद्योगों की प्रतिभा लगी है, भारतीय इंजीनियरों का कौशल लगा है, भारतीय श्रमिकों का परिश्रम लगा है और यही नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में सिर्फ खरीददार बनकर नहीं रहना चाहता है। हमारी सैन्य शक्ति दुनिया के लिए बाजार नहीं बन सकती है। मेरी शक्ति की पहचान वैश्विक बाजार बनने से नहीं है, बल्कि इसकी पहचान आत्मनिर्भरता पर है। भारत निर्माता बनना चाहता है और जिस दिन निर्माता बनेंगे, उस दिन निर्णायक भी होंगे। भारत इस दिशा में तेजी से आगे भी बढ़ रहा है। बीते वर्षों में 40 से अधिक 'मेड इन इंडिया' युद्धपोत और पनडुब्बियां नौसेना में शामिल हुई हैं। लगभग हर कुछ सप्ताह में भारतीय नौसेना को एक नई शक्ति मिली है। वर्तमान में भी 45 बड़े नौसैनिक प्लेटफॉर्म निर्माणाधीन हैं। ये सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि भारत की औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है और भारत के भविष्य का संकेत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत का समुद्री क्षेत्र लाखों रोजगार तैयार करने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि हम समुद्री क्षेत्र को सिर्फ आइसोलेटेड क्षेत्र नहीं मानते हैं। हम इसे विकसित भारत के रोजगार इंजन के रूप में देखते हैं। एक आधुनिक जहाज में सैकड़ों टन स्टील लगता है, इलैक्ट्रोनिक्स लगते हैं, मशीनरी लगती है, हजारों पुर्जे लगते हैं और इसके पीछे हजारों कंपनियां काम करती हैं। इससे साफ है कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलता है।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की थी साजिश, कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी; बोले- अब आजाद बंगाल

बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की थी साजिश, कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी; बोले- अब आजाद बंगाल

दिल्ली में BRICS देशों के NSA का जमावड़ा, डोभाल करेंगे अध्यक्षता; चीन से होगी सीधी बात

दिल्ली में BRICS देशों के NSA का जमावड़ा, डोभाल करेंगे अध्यक्षता; चीन से होगी सीधी बात

ममता बनर्जी की TMC और उद्धव गुट में क्यों हुई बगावत? भाजपा नेता ने बता दी पूरी बात

ममता बनर्जी की TMC और उद्धव गुट में क्यों हुई बगावत? भाजपा नेता ने बता दी पूरी बात

ललितपुर में विकास की नई शुरुआत, सीएम योगी ने गिनाईं उपलब्धियां

ललितपुर में विकास की नई शुरुआत, सीएम योगी ने गिनाईं उपलब्धियां

डासना में सरकारी तालाब पर अवैध खनन के आरोप, करोड़ों के नुकसान की आशंका

डासना में सरकारी तालाब पर अवैध खनन के आरोप, करोड़ों के नुकसान की आशंका

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: बिहार के कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित, पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योगाभ्यास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: बिहार के कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित, पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योगाभ्यास

दतिया में सीएम योगी आदित्यनाथ ने किए पीताम्बरा पीठ के दर्शन

दतिया में सीएम योगी आदित्यनाथ ने किए पीताम्बरा पीठ के दर्शन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: पश्चिम बंगाल में भव्य कार्यक्रम, योग को मिला वैश्विक मंच; भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: पश्चिम बंगाल में भव्य कार्यक्रम, योग को मिला वैश्विक मंच; भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

योग व्यक्ति, समाज और विश्व चेतना को जोड़ने का सशक्त माध्यम : राष्ट्रपति मुर्मु

योग व्यक्ति, समाज और विश्व चेतना को जोड़ने का सशक्त माध्यम : राष्ट्रपति मुर्मु

योग दिवस पर राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत अब एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुकी है

योग दिवस पर राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत अब एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुकी है