केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्ष पूरे कर देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 4,399 दिनों का यह रिकॉर्ड करोड़ों भारतीयों के अटूट विश्वास का प्रतीक है और यह ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की भावना पर जनता की मुहर का जीवंत उदाहरण है। एक विशेष बातचीत में उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व, उनकी लोकप्रियता, विकास कार्यों, पश्चिम बंगाल की राजनीति, ईरान-इजरायल तनाव और एलपीजी कीमतों सहित कई मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
पीएम मोदी ने सत्ता को सेवा का माध्यम बनाया
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कुछ नेता केवल पद पर बैठते हैं, जबकि कुछ अपने कर्मों से इतिहास रचते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे ही विरले नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सत्ता को कभी विशेषाधिकार नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम माना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है और उनका हर प्रयास तथा हर संकल्प देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित रहा है।
ज्ञान, दृष्टि और नेतृत्व क्षमता को बताया अद्वितीय
पुरी ने कहा कि वह पिछले नौ वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी की टीम का हिस्सा हैं और उन्होंने भारत तथा विदेशों में कई राजनीतिक नेताओं को करीब से देखा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जैसा व्यापक ज्ञान रखने वाला व्यक्ति उन्होंने नहीं देखा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस, प्राकृतिक खेती, कृषि, उर्वरक उपयोग या विकास से जुड़े किसी भी विषय पर प्रधानमंत्री की समझ और मार्गदर्शन क्षमता अद्वितीय है। उनके अनुसार, 2014 के बाद शुरू हुई कई योजनाओं की बुनियाद गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए ही रखी जा चुकी थी और प्रधानमंत्री ने केंद्र तथा राज्यों के सहयोग से विकास की नई कार्यसंस्कृति विकसित की।
कोविड संकट में नेतृत्व की सराहना
कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उस कठिन दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने निर्णायक नेतृत्व का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि जहां विपक्ष वैक्सीन को लेकर सवाल उठा रहा था, वहीं प्रधानमंत्री ने देश में वैक्सीन निर्माण को प्रोत्साहन दिया। उन्होंने बताया कि भारत में बड़े पैमाने पर वैक्सीन का उत्पादन हुआ, जिनमें से अधिकांश देशवासियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जबकि बड़ी संख्या में वैक्सीन डोज अन्य देशों को भी भेजी गईं। उनके अनुसार, यह भारत की क्षमता और प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण था।
समर्पण और कार्यशैली को बताया सफलता का आधार
प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और लंबे कार्यकाल के पीछे के कारणों पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उनकी नेतृत्व शैली, प्रतिबद्धता और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि 1947 के बाद शायद ही कोई ऐसा नेता मिला हो जिसने देश के लिए इतना समर्पण दिखाया हो। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और पिछले 12 वर्षों में हुए कार्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में विकास के मुद्दे पर भाजपा को बढ़त
तृणमूल कांग्रेस में संभावित टूट और भाजपा नेताओं से संपर्क की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पुरी ने कहा कि देश की जनता विकास चाहती है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को लगातार विकास के एजेंडे पर समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी भाजपा का विकास मॉडल लोगों को आकर्षित कर रहा है और इसी कारण अन्य दलों के नेता भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास की राजनीति को नई गति दी है, जिसका प्रभाव पूरे देश में दिखाई दे रहा है।
विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
ईरान-इजराइल तनाव और वहां रह रहे भारतीयों को दी गई सलाह के संबंध में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध या संघर्ष की स्थिति पैदा होने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय हजारों भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक अभियान चलाया था और विभिन्न देशों में मंत्रियों को भेजकर समन्वय स्थापित किया गया था।
एलपीजी और पेट्रोल कीमतों पर भी रखा पक्ष
एलपीजी और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार ने उपभोक्ताओं पर बोझ कम रखने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में संभावित वृद्धि का बड़ा हिस्सा उत्पाद शुल्क में कटौती के माध्यम से समाहित किया गया। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अब भी करोड़ों परिवारों को रियायती दरों पर एलपीजी उपलब्ध करा रही है और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था के जरिए सहायता सीधे उपभोक्ताओं के खातों में पहुंचाई जा रही है।