चंडीगढ़ : पंजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज पंजाब विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्रों तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नहरी सिंचाई का विस्तार करने के साथ-साथ नहरी नेटवर्क को मजबूत कर रही है।
बाबा बकाला के विधायक स.दलबीर सिंह द्वारा विधानसभा क्षेत्र में नहरी पानी की आपूर्ति और खालों की लाइनिंग के संबंध में पूछे गए प्रश्न का प्रश्नकाल के दौरान उत्तर देते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 21.97 करोड़ रुपये की लागत से 31.44 किलोमीटर नहरों की कंक्रीट लाइनिंग का काम पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 77 किलोमीटर की लाइनिंग का काम तकनीकी संभावना और प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने सदन को बताया कि बाबा बकाला विधानसभा क्षेत्र को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला नहरी नेटवर्क अपर बारी दोआब नहर (यू.बी.डी.सी.) प्रणाली की सभरांव ब्रांच से निकलता है। इस क्षेत्र में सात डिस्ट्रीब्यूटरी और पांच माइनरों के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है, जिनकी कुल लंबाई 108.71 किलोमीटर है।
विधायक स.दलबीर सिंह द्वारा रईया, नागोके, भिंडर और घग्गड़ भाणा रजबाहों के संबंध में उठाए गए मुद्दों का जवाब देते हुए जल संसाधन मंत्री ने बताया कि ये नहरी चैनल लगभग 28,540 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि शेष नहरी लाइनिंग का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी संभावना के आकलन और धनराशि की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाएगा।
विधानसभा क्षेत्र में पूरे किए गए कार्यों का विवरण देते हुए श्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि 108.71 किलोमीटर लंबे नहरी नेटवर्क में से 31.44 किलोमीटर की कंक्रीट लाइनिंग का काम 21 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये की लागत से पूरा किया गया है। शेष लगभग 77 किलोमीटर की लाइनिंग के काम पर आने वाले समय में तकनीकी संभावना और परियोजनाओं की प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य नहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में नहरी पानी का उपयोग लगभग 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नहरी पानी को नहरों के अंतिम छोर तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया है ताकि किसानों को अपने खेतों के नजदीक ही सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके।
उन्होंने सदन को यह भी बताया कि नहरी सिंचाई के अधीन रकबा 20.89 लाख एकड़ से बढ़कर 61 लाख एकड़ तक पहुंच गया है। राज्य सरकार द्वारा नहरी सिंचाई नेटवर्क को मजबूत करने और पानी के वितरण में सुधार लाने के लिए 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
बाबा बकाला विधानसभा क्षेत्र में पानी की उपलब्धता के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान विभिन्न डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी का प्रवाह उनकी निर्धारित क्षमता के 100 प्रतिशत से लेकर 132.8 प्रतिशत तक रहा। उन्होंने आगे बताया कि पंजाब में नहरी पानी का प्रवाह पहली बार 40,000 क्यूसेक तक पहुंचा है, जबकि वर्ष 2022 से पहले पानी की औसत क्षमता लगभग 26,000 क्यूसेक थी।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंजाब के कृषि क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए राज्य के हिस्से के समस्त उपलब्ध नहरी पानी का उपयोग पंजाब के भीतर ही सुनिश्चित करना है।