चंडीगढ़ : पंजाब राज्य के लिए छठी ऑनशोर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी (ओएससीसी) की बैठक आज यहां अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) सुरक्षा डॉ. कौस्तुभ शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। एडीजीपी सुरक्षा ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव की ओर से इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें डीआईजी काउंटर इंटेलिजेंस गुलनीत सिंह खुराना, डीआईजी बीएसएफ अंकित गोयल, ईडी (ओ एंड एम) गेल संजय चौहान, सीजीएम (एचआरडी एवं सुरक्षा) के. देव कुमार, सीजीएम (ओ एंड एम) एवं ओआईसी गेल एनसीआर विजय मित्तल सहित विभिन्न तेल एवं गैस कंपनियों, इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विचार-विमर्श के दौरान गेल, ओएनजीसी, आईओसीएल, एचपीसीएल, बीपीसीएल, एचएमईएल, थिंक गैस और टोरेंट गैस सहित विभिन्न तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने कार्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया तथा पाइपलाइन स्थापना के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी।
इन महत्वपूर्ण ऊर्जा परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाते हुए एडीजीपी डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने जिला नोडल पुलिस अधिकारियों को तेल एवं गैस कंपनियों से प्राप्त सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैस पाइपलाइनों को होने वाले किसी भी खतरे को अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि गैस रिसाव से भीषण आग लगने या लोगों के दम घुटने जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने ऐसे सभी मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करने और शीघ्र जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए एडीजीपी ने तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों को सलाह दी कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ‘112’ आपातकालीन हेल्पलाइन या संबंधित जिला पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्यभर के सभी पुलिस कंट्रोल रूम कर्मियों को तेल एवं गैस से जुड़ी आपात स्थितियों की गंभीरता और संवेदनशीलता के बारे में पूरी तरह प्रशिक्षित और जागरूक किया जाएगा।
बैठक के दौरान कमेटी ने पिछली ओएससीसी बैठक में लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की। मंच पर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति, कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों से तेल एवं गैस कंपनियों को आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई, जो जन असंतोष और कालाबाजारी को बढ़ावा दे सकती हैं। सुरक्षा पैनल ने राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा महत्वपूर्ण संस्थानों को नुकसान पहुंचाने वाली संभावित साजिशों का भी आकलन किया।
इस दौरान प्रतिभागियों को कानूनी ढांचे की जानकारी देने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) अधिनियम, पेट्रोलियम एवं खनिज पाइपलाइन (भूमि उपयोग अधिकार अधिग्रहण) अधिनियम तथा तेल एवं गैस अवसंरचना से जुड़े खतरों से निपटने संबंधी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
बैठक में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों तथा कार्यरत तेल एवं गैस कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर भी चर्चा की गई।
बैठक के समापन पर डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में तेल एवं गैस क्षेत्र की रणनीतिक महत्ता को दोहराते हुए पंजाब भर में ऊर्जा अवसंरचना के सुरक्षित और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस की ओर से पूर्ण सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया।