बठिंडा: पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी का कार्यकाल 31 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया। उनके विस्तारित कार्यकाल की समाप्ति के बाद विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. रामकृष्ण वुसिरिका ने कार्यवाहक कुलपति के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने 22 अगस्त 2020 को पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, आधारभूत सुविधाओं, नवाचार और प्रशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया, नए शैक्षणिक कार्यक्रमों और अनुसंधान गतिविधियों का विस्तार किया, उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के साथ सहयोग को मजबूत बनाया तथा नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दिया।
प्रो. तिवारी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। विश्वविद्यालय ने नैक के द्वितीय मूल्यांकन चक्र में ए+ ग्रेड प्राप्त किया, राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह बनाए रखी तथा टाइम्स हायर एजुकेशन विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 में पहली बार स्थान प्राप्त किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के शोध प्रकाशनों, वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं, संकाय सदस्यों, शैक्षणिक कार्यक्रमों और स्थायी परिसर के विकास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी अब असम के गुवाहाटी स्थित प्राग्ज्योतिषपुर विश्वविद्यालय के कुलपति का पदभार ग्रहण करेंगे। शनिवार को सीयू पंजाब के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उनके आधिकारिक आवास पर आयोजित विदाई समारोह में उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर सभी ने विश्वविद्यालय के विकास में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
प्रो. रामकृष्ण वुसिरिका के कार्यवाहक कुलपति का कार्यभार संभालने के साथ ही विश्वविद्यालय का प्रशासन नियमित कुलपति की नियुक्ति होने तक उनके नेतृत्व में संचालित होगा।
प्रो. रामकृष्ण वुसिरिका को शिक्षण और अनुसंधान का 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे पिछले छह वर्षों से विश्वविद्यालय में डीन (अकादमिक) प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा विभिन्न महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहे हैं।