चंडीगढ़, । हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं से नशे के खिलाफ संकल्प लेने तथा समाज से इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक युवा युद्ध नशे विरुद्ध अभियान से जुड़ने के लिए दस अन्य लोगों को प्रेरित करे तो यह संकल्प एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले सकता है। राज्यपाल आज पंजाब के पटियाला स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित "नशे के खिलाफ जंग" विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी मौजूद रही सम्मेलन को युवाओं के लिए आशा और निराशा के बीच सही मार्ग चुनने का संदेश बताते हुए प्रो. घोष ने कहा कि एक रास्ता स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और सफलता की ओर ले जाता है, जबकि दूसरा रास्ता नशे की लत, बिखरते परिवारों और टूटते सपनों की ओर। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि देश का युवा जीवन, उद्देश्य और प्रगति का मार्ग अपनाएगा तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का अग्रदूत बनेगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन जन-जागरूकता के एक व्यापक अभियान की शुरुआत है, जिसका संदेश पंजाब से कहीं आगे तक जायेगा।
राज्यपाल ने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि जब युवा बड़े सपने देखते हैं, कड़ी मेहनत करते हैं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं, तो देश की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या युवाओं की ऊर्जा और सपनों पर सीधा प्रहार कर कमजोर बनाती है, परिवारों को तोड़ती है और समाज की बुनियाद को खोखला करती है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवारों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
युवाओं से पढ़ाई का दबाव, बेरोजगारी और अकेलेपन जैसी चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने का आह्वान करते हुए प्रो. घोष ने कहा कि नशा कभी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, संवाद, उचित मार्गदर्शन और आत्मविश्वास ही जीवन की चुनौतियों का वास्तविक समाधान हैं।
उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से भी अपने बच्चों को केवल सुविधाएं ही नहीं, बल्कि समय, विश्वास और अपनापन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि खुला संवाद, समय पर मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग अनेक युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के शिकार लोगों को तिरस्कार नहीं, बल्कि सहानुभूति, उपचार और पुनर्वास की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युवाओं के लिए विकास के व्यापक अवसर, नशे जैसी बुराई के लिए कोई स्थान नहीं
केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में फिट इंडिया, खेलो इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा विकसित भारत-2047 जैसे कार्यक्रम युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब युवाओं के सामने विकास और प्रगति के इतने व्यापक अवसर मौजूद हैं, तब नशे जैसी सामाजिक बुराई के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा ने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। इसी प्रकार पंजाब के युवाओं ने भी खेल जगत में देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस क्षेत्र का युवा भी अपने साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर नशे के खिलाफ इस लड़ाई में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।