जालंधर (अनिल पाहवा): पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की बार एसोसिएशनों की संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) ने 3 अगस्त (सोमवार) को चल रही ‘नो वर्क’ हड़ताल एक दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला 31 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई अध्यक्षों और सचिवों की बैठक में बहुमत से लिया गया। हड़ताल 4 अगस्त (मंगलवार) से दोबारा शुरू होगी, यदि मुख्य न्यायाधीश (CJI) के साथ होने वाली बैठक में LADC नीति को वापस लेने की मांग पर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता।
JAC के अनुसार, करीब 73 प्रतिशत बार एसोसिएशनों ने 3 अगस्त को एक दिन के लिए हड़ताल स्थगित करने का समर्थन किया, जबकि 27 प्रतिशत बार एसोसिएशन इस प्रस्ताव से सहमत नहीं थीं और आंदोलन जारी रखने के पक्ष में रहीं।
JAC के प्रमुख फैसले
* 3 अगस्त (सोमवार) को ‘नो वर्क’ आंदोलन एक दिन के लिए स्थगित रहेगा।
* यदि CJI के साथ बैठक में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला तो 4 अगस्त (मंगलवार) से हड़ताल स्वत: दोबारा शुरू हो जाएगी।
* 4 अगस्त से धरने, प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी फिर शुरू किए जाएंगे।
* 7 अगस्त (शुक्रवार) को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा धरना देने का भी निर्णय लिया गया है, जिसके लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त होने का दावा किया गया है।
* JAC ने यह भी स्पष्ट किया कि जो बार एसोसिएशन बहुमत के फैसले से सहमत नहीं हैं, वे अपने जनरल हाउस के निर्णय के अनुसार हड़ताल जारी रखने के लिए स्वतंत्र होंगी।
JAC ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी जिला एवं उपमंडल बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ प्रस्तावित बैठक में शामिल होने की अपील की है, ताकि LADC नीति के मुद्दे पर एकजुट होकर पक्ष रखा जा सके।