प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की यात्रा करेंगे। वह सेशेल्स के राष्ट्री दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामलि होने वाले हैं। बता दें कि हिंद महासागर में सेशल्स द्वीप बेहद अहम माना जाता है। यह प्रधानमंत्री की दूसरी सेशेल्स यात्रा है। इससे पहले वह 2015 में यहां गए थे। भारतीय सेना की एक टुकड़ी और नौसेना के दो जहाज भी इस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं।
दुनिया के सबसे पुराने जानवर से होगी मुलाकात
प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान दुनिया के सबसे पुराने जानवर माने जाने वाले जोनाथन से भी मिलेंगे। यह एक 194 साल पुराना अलदाब्रा जायंट कछुआ है। यह सेशेल्स के नेशनल बॉटिनिकल गार्डेन में रहता है और सबसे पुराने जीवित जीव के तौर पर गिनीज बुक में इसका नाम दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि इसकी उम्र 194 से ज्यादा भी हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स बोटैनिकल गार्डन में तीन पौधारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधिता की रक्षा और जलवायु के प्रति सजगता प्रदर्शित करना है। बता दें कि सेशेल्स और भारत के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर अच्छे संबंध हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत एवं स्थायी मित्रता की फिर से पुष्टि करेगी तथा सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।' मंत्रालय ने कहा, 'यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी तथा पारस्परिक हित से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।'
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की संसद को भी संबोधित करेंगे और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी के रूप में सेशेल्स का भारत के 'महासागर' (क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) दृष्टिकोण तथा 'ग्लोबल साउथ' के प्रति उसकी प्रतिबद्धता में विशेष स्थान है।
बता दें कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन अपनी आर्थिक रणनीति के विस्तार में लगा है। ऐसे में सेशेल्स जैसे द्वीपीय देशों में मूलभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश करके चीन अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहता है। इससे पहले फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति भारत आए थे। हिंद महासागर के क्षेत्र में भारत एक नेट सेक्योरिटी प्रोवाइडर है। ऐसे में सेशेल्स जैसे द्वीपीय देशों से मजबूत सहयोग के जरिए समुद्रीम मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत का उद्देश्य है।