चंडीगढ़ : भाजपा ने गुरुवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी ने पुलिसकर्मियों पर हाल ही में हुए हमलों और उनकी सुरक्षा के लिए जारी की गई एडवाइजरी का हवाला दिया। खबरों के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने पुलिसकर्मियों के लिए सुरक्षा संबंधी कई एडवाइजरी जारी की हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो ड्यूटी के लिए दूर-दराज के इलाकों से शहर आते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक्स पर पुलिस की उन एडवाइजरी को उठाया, जिनमें कथित तौर पर अधिकारियों से अकेले सफर न करने, सार्वजनिक जगहों पर वर्दी न पहनने और टारगेटेड हमलों के डर से दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल न करने को कहा गया था।
राज्य की हालत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या पंजाब एक वाइब्रेंट पंजाब बन रहा है या एक डरा हुआ पंजाब। उन्होंने एएसआई जोगा सिंह की हालिया हत्या और गुरदासपुर में पंजाब पुलिस के दो जवानों की पहले हुई हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि ये बढ़ती गैंग हिंसा, आतंकवाद से जुड़े खतरों और दिन-दहाड़े बढ़ते अपराधों के संकेत हैं, जिनका असर आम लोगों की सुरक्षा और पुलिस के मनोबल पर पड़ रहा है।
एक्स पोस्ट में सिंह ने कहा, "अगर पंजाब पुलिस के जवानों को प्रशासन की ओर से यह निर्देश दिया जा रहा है कि वे अकेले सफर न करें, सार्वजनिक जगहों पर वर्दी पहनने से बचें, दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल न करें और अपनी सुरक्षा के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहें, तो एक गंभीर सवाल उठता है: आम आदमी कितना सुरक्षित है?"
उन्होंने आगे कहा, "जब समाज की रक्षा का जिम्मा संभालने वाले लोग खुद ही टारगेटेड हमलों के डर में जीने लगते हैं, तो यह पंजाब में कानून-व्यवस्था में आई एक भयानक गिरावट को दिखाता है। आम आदमी पार्टी की सरकार में गैंग वॉर, आतंकवाद से जुड़ी धमकियों और दिन-दहाड़े होने वाली बेखौफ हत्याओं की वजह से पंजाब को डर और असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया गया है।"
सिंह ने कहा कि एएसआई जोगा सिंह की नृशंस हत्या पूरी पुलिस फोर्स के मनोबल और भरोसे पर एक हमला थी।
उन्होंने आगे कहा कि गुरदासपुर में दोरांगला सीमा चौकी पर पंजाब पुलिस के दो जवानों की पहले हुई हत्या ने राज्य में बिगड़ते सुरक्षा माहौल और गहराते कानून-व्यवस्था संकट को पहले ही बेनकाब कर दिया था।
सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "जिस सरकार ने बदलाव का वादा करके सत्ता हासिल की थी, उसने इसके बजाय पंजाब को असुरक्षा, अनिश्चितता और भय की ओर धकेल दिया है। यदि पुलिसकर्मियों को अपनी वर्दी छिपानी पड़ रही है और अपनी सुरक्षा के लिए अकेले यात्रा करने से डरना पड़ रहा है, तो फिर कोई दुकानदार, किसान, छात्र, व्यापारी या आम नागरिक सुरक्षित कैसे महसूस कर सकता है?"
अपराधी नेटवर्क के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सिंह ने आगे कहा, "आज पंजाब को एक निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है; गैंगस्टरों और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस (बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने वाली) नीति की जरूरत है और एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो हालात को लगातार बिगड़ने देने के बजाय, अपने सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़ी रहे।"
उन्होंने आगे कहा, "पुलिस बल की सुरक्षा सीधे तौर पर हर नागरिक की सुरक्षा से जुड़ी है। एक डरा हुआ पुलिस बल, मतलब एक डरा हुआ पंजाब।"