शिमला : राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव आचार संहिता के बीच शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक करने से संबंधित भाजपा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र जारी कर पूछा है कि इस बैठक को करने से पहले कोड आफ कंडक्ट से संबंधित दिशा निर्देशों का किस तरह ध्यान रखा गया? इस बारे में जवाब जल्दी से जल्दी देने को कहा गया है। यानी कोई फिक्स डेडलाइन इस पत्र में नहीं है। गौरतलब है कि पिछले कल राज्य सरकार की कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें बहुत से फैसले हुए हैं। मीडिया पोर्टलों पर अपलोड हुई इस खबर के आधार पर भाजपा ने राज्य चुनाव आयोग को लिखित में शिकायत कर दी।
यह शिकायत भाजपा के प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा की ओर से भेजी गई थी। इसमें आयोग से मांग की गई है कि आचार संहिता के बीच लिए गए फैसलों की जांच की जाए और इन्हें लागू करने पर एकदम रोक लगाई जाए। जिन अधिकारियों ने इस बैठक के लिए मामले प्रक्रिया में लाए, उन पर कार्रवाई की जाए और भविष्य के लिए गाइडलाइन जारी की जाए। हालांकि इस शिकायत को संसदीय कार्य और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने गैर जरूरी बताया है। उन्होंने तर्क दिया था कि शिमला नगर निगम के दायरे में कोड आफ कंडक्ट लागू नहीं है और शहरी निकायों के चुनाव भी हो चुके हैं। उन्होंने कहा था कि विभिन्न वर्गों के मानदेय बढ़ाने या महिलाओं को 1500 रुपए देने से संबंधित घोषणाएं पुरानी हैं और बजट में भी इनका जिक्र है। इसलिए इसमें नया कुछ नहीं है।