मुंबई : अभिनेत्री सान्वी तलवार ने अपने करियर के एक दौर में निजी विवाद को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं। अब काफी समय बाद अभिनेत्री ने उस दौर को याद करते हुए अपनी सोच और उससे मिली सीख के बारे में बात की।
समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में सान्वी ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले पर बोलने के लिए व्यक्ति का खुद मानसिक रूप से तैयार होना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को भी संदेश दिया कि अगर उनके साथ कुछ गलत हुआ है और वे उस समय अपनी बात नहीं रख पाईं, तो बाद में भी अपनी आवाज उठा सकती हैं।
दरअसल, सान्वी ने टीवी शो 'ये कहां आ गए हम' में अभिनेता करण कुंद्रा के साथ काम किया था। इसी शो के दौरान उन्होंने करण कुंद्रा पर कथित तौर पर गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि काम के दौरान करण कुंद्रा ने कथित तौर पर उनकी सहमति के बिना उन्हें किस किया और थप्पड़ भी मारा। इस मामले में शो की निर्माता एकता कपूर ने हस्तक्षेप किया था और इसके बाद शो की निर्देशन टीम में बदलाव किए गए थे। अब इस मामले पर बात करते हुए सान्वी ने कहा कि उन्होंने जिंदगी से यह सीखा है कि अपनी बात उसी समय रखनी चाहिए, जब इंसान खुद को इसके लिए पूरी तरह तैयार महसूस करे।
समाचार एजेंसी से बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, ''पहले मैं अपनी बात सिर्फ उन्हीं लोगों से साझा करती थी, जिनके साथ बात करना मुझे जरूरी लगता था। जब कोई निजी बात कई लोगों तक पहुंचती है तो कई बार उसका मतलब बदल जाता है और कहानी अलग रूप ले लेती है। अब मैं अपनी बात खुलकर रखने में सहज महसूस करती हूं, क्योंकि यह मेरा खुद का फैसला है और मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे।''
सान्वी ने कहा, ''अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि कोई बात सही है और उसे सामने रखना जरूरी है, तो उसे अपनी आवाज उठानी चाहिए। हर किसी का अपनी भावनाओं और अनुभवों को साझा करने का तरीका अलग होता है। किसी पर भी यह दबाव नहीं होना चाहिए कि उसे किसी घटना के तुरंत बाद ही बोलना पड़े। सही समय वही होता है, जब व्यक्ति खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत महसूस करे।''
जब समाचार एजेंसी ने सान्वी से पूछा कि उन्होंने इस मुद्दे पर इतने समय बाद बात क्यों की और उन महिलाओं के लिए उनका क्या संदेश है, जो अपने साथ हुए किसी गलत अनुभव के बारे में बोलने से डरती हैं, तो सान्वी ने कहा कि हर महिला को अपनी सुविधा और तैयारी के अनुसार फैसला लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''अगर किसी महिला के साथ कुछ गलत हुआ है और वह उस समय अपनी बात नहीं रख पाई, तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब बहुत देर हो चुकी है। जब भी वह खुद को तैयार महसूस करे, उसे आगे आकर अपनी कहानी बतानी चाहिए। अगर लोग अपने अनुभवों के बारे में बात नहीं करेंगे, तो सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाएगी।''
अभिनेत्री ने महिलाओं को हिम्मत देते हुए कहा, ''अपनी बात रखना बेहद जरूरी है, लेकिन इसके लिए सही समय और सही मानसिक स्थिति का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति को अपनी आवाज की अहमियत समझनी चाहिए और अपने अनुभवों को दबाकर नहीं रखना चाहिए।''