Monday, August 17, 2026
BREAKING
पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर नशा बेचने वालों को बाहर करेंगे : नायब सिंह सैनी तीज का त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक : संध्या जैन जीवन कुंडू हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो, पीड़ितों पर दमन बंद करे सरकार : कुमारी सैलजा अंग्रेजों से भी ज्यादा अत्याचार कर रही भाजपा सरकार : दुष्यंत चौटाला शहीद स्मारक के उद्घाटन के बाद यहां हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को शाम के समय कार्यक्रम होंगे : अनिल विज हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों का आंदोलन उग्र, मांगों पर सरकार से नहीं बनी बात... Sonipat में रील के चक्कर में हवालात पहुंचे 8 युवक, स्वतंत्रता दिवस पर किया कांड...जानिए ऐसे कौन सी पोस्ट की शेयर किसानों और सरकार के बीच बातचीत शुरु, दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा पुलिस ने खनोरी बार्डर किया हुआ सील मां बनने से पहले सामंथा रुथ प्रभु ने लिया नया जिम्मा, 'सेलिब्रिटी मास्टरशेफ तमिल' को करेंगी होस्ट ट्रोलिंग को अब दिल पर नहीं लेतीं, सफलता की कहानी का हिस्सा मानती हूं : नीति टेलर

दुनिया

ईरान युद्ध का असर: अमेरिकी हथियारों पर बढ़ा दबाव, यूक्रेन की मदद पर संकट के बादल

25 मार्च, 2026 04:43 PM

अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण अमेरिका के हथियार भंडार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक परमाणु परिदृश्य तेजी से बिगड़ता जा रहा है। सीनेट की सुनवाई के दौरान डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति और हथियार नियंत्रण के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं। सीनेट की विदेश संबंध नीति की सुनवाई में रैंकिंग सदस्य सीनेटर जीन शाहीन ने कहा कि हथियारों के तेज़ इस्तेमाल ने योजना और रणनीति में गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।

उन्होंने कहा, “पिछले गुरुवार को ईरान के खिलाफ इस युद्ध के लगभग तीन सप्ताह बाद प्रशासन ने 16 अरब डॉलर से अधिक के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी। इसके लिए सामान्य संसदीय समीक्षा को दरकिनार करते हुए आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल किया।” शाहीन ने स्थिति को “गोला-बारूद और हथियारों की आपात स्थिति” बताया और चेतावनी दी कि अमेरिकी भंडार तेजी से घट रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुछ मामलों में हमारे पास जरूरत के मुकाबले केवल एक-चौथाई इंटरसेप्टर ही बचे हैं।” उन्होंने कहा कि “ईरान युद्ध का अंतिम लक्ष्य क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।”

इसका असर अन्य संघर्षों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने यूक्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि “अमेरिकी समर्थन अब कम पूर्वानुमेय हो गया है और सहयोगी देश अमेरिकी हथियारों की खरीद या कमी को पूरा करने के लिए आगे आ रहे हैं।” शाहीन ने बताया कि “यूक्रेन के 80 प्रतिशत से अधिक हमले अब ड्रोन के जरिए हो रहे हैं,” जो “स्वायत्त प्रणालियों और ड्रोन झुंड” की ओर बदलाव को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि “अमेरिका में इस तरह के समर्थन की गति पर्याप्त नहीं है।”

हालिया रिपोर्टों में भी चिंता जताई गई है कि उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों के अमेरिकी भंडार तेजी से घट रहे हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका एक साथ कई संघर्षों को लंबे समय तक संभाल सकता है।कमेटी के चेयरमैन सीनेटर जिम रिश ने प्रशासन के रुख का बचाव करते हुए कहा कि ईरान संघर्ष को व्यापक रणनीतिक चुनौती के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाई ने यह दिखाया है कि अमेरिका को अपने लोगों को आसन्न खतरों से बचाने के लिए क्या करना होगा।”रिश ने चेतावनी दी कि दुनिया अब “बहुध्रुवीय परमाणु परिदृश्य” में प्रवेश कर चुकी है, जहां अमेरिका को रूस और चीन जैसे “करीबी परमाणु प्रतिद्वंद्वियों” के साथ-साथ “परमाणु महत्वाकांक्षा वाले दुष्ट राज्यों” का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने हथियार नियंत्रण ढांचे अब पर्याप्त नहीं हैं: “बीते समय के परमाणु समझौते आज की जरूरतों को पूरा नहीं करते,” और यदि प्रतिद्वंद्वी देश अपने परमाणु भंडार बढ़ा रहे हैं, तो “हमें भी ऐसा करना पड़ेगा।”

हथियार नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अंडर सेक्रेटरी थॉमस डिनानो ने सांसदों को बताया कि प्रशासन “सत्यापन योग्य और लागू किए जा सकने वाले हथियार नियंत्रण समझौतों” पर काम कर रहा है, जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करें। उन्होंने पुराने समझौतों से हटने का बचाव करते हुए न्यूज स्टार्ट को “पुराने सुरक्षा माहौल की विरासत” बताया, जो आज की वास्तविकताओं खासकर चीन के परमाणु विस्तार को संबोधित नहीं करता।

दोनों दलों के सांसदों ने हथियार नियंत्रण तंत्र के कमजोर होने पर चिंता जताई। शाहीन ने कहा कि भविष्य के हथियार नियंत्रण समझौतों पर बातचीत ठप पड़ गई है और चीन की भागीदारी से इनकार प्रगति में बाधा बन रहा है। उन्होंने रूस से बढ़ते खतरों की ओर भी इशारा किया, जिसमें नाटो के करीब सामरिक परमाणु हथियारों की तैनाती और ऐसे नए सिस्टम का परीक्षण शामिल है जिन्हें ट्रैक करना मुश्किल है। साथ ही, चीन 300 से अधिक नए मिसाइल साइलो का निर्माण कर रहा है और “कम पारदर्शिता के साथ” अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार कर रहा है। यह सुनवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों के कारण वैश्विक तनाव बढ़ गया है और उन्नत हथियारों व मिसाइल रक्षा प्रणालियों की मांग में तेज़ी आई है।

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं, कहा- सही मायने में मिल रहा बहुत सम्मान

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं, कहा- सही मायने में मिल रहा बहुत सम्मान

अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी

अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी

इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का भूकंप, इमारतें ढहीं, कम से कम 38 लोगों की मौत

इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का भूकंप, इमारतें ढहीं, कम से कम 38 लोगों की मौत

विदेशी राजदूतों और मिशनों ने भारत को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

विदेशी राजदूतों और मिशनों ने भारत को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर विश्व नेताओं ने दी बधाई, लोकतांत्रिक यात्रा और वैश्विक भूमिका को सराहा

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर विश्व नेताओं ने दी बधाई, लोकतांत्रिक यात्रा और वैश्विक भूमिका को सराहा

अमेरिका के राज्यों ने 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ किया घोषित, दुनियाभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस की धूम

अमेरिका के राज्यों ने 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ किया घोषित, दुनियाभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस की धूम

सिंधु जल समझौते पर बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़ : भारत ने रुख़ नहीं बदला तो देंगे सीधा जवाब

सिंधु जल समझौते पर बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़ : भारत ने रुख़ नहीं बदला तो देंगे सीधा जवाब

Colombia Earthquake: बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, अब तक 265 ने गंवाई जान, 496 अब भी लापता

Colombia Earthquake: बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, अब तक 265 ने गंवाई जान, 496 अब भी लापता

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के ‘पूरे नियंत्रण’ का किया दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के ‘पूरे नियंत्रण’ का किया दावा

केन्या में भारतीय उच्चायुक्त ने बताया—‘केन्या के लिए भारत क्यों है महत्वपूर्ण’

केन्या में भारतीय उच्चायुक्त ने बताया—‘केन्या के लिए भारत क्यों है महत्वपूर्ण’