पांवटा साहिब : पांवटा साहिब और आसपास के क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के 3 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। पिछले 4 दिनों के दौरान सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद इनमें से 3 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर धीमान ने बताया कि स्वाइन फ्लू से संक्रमित 3 मरीजों में से एक को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं 2 अन्य मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्हें आवश्यक दवाएं देकर घर पर ही होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है।
क्या है स्वाइन फ्लू और कैसे फैलता है?
स्वाइन फ्लू को एच1एन1 इन्फ्लूएंजा-ए वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण माना जाता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर सावधानी बरतना जरूरी है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू होने पर तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण नजर आते हैं और उनकी स्थिति बिगड़ रही है तो स्वयं दवा लेने की बजाय चिकित्सक से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, नियमित रूप से हाथ धोने और अस्वस्थ होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को ढकने की सलाह भी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न बरतें और समय पर चिकित्सकीय जांच करवाएं।