शिमला : एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी है। वहीं घोषणा के साथ प्रदेश सरकार के साथ हुई बैठक में वीरवार को एचआरटीसी चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह व कंडक्टर यूनियन प्रीत महेंद्र ने शिमला में प्रैस वार्ता के दौरान मानी गई मांगों का ब्यौरा रखा। मान सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने करीब 42 से 45 करोड़ रुपए की देनदारियों और मांगों को स्वीकार किया है।
10 जुलाई तक एचआरटीसी कर्मचारियों को 45 करोड़ की देनदारियां मिल जाएंगी। समझौते के तहत कर्मचारियों का 12 माह का लंबित ओवरटाइम भुगतान किया जाएगा, जबकि भविष्य में ओवरटाइम की राशि एक से 2 माह के भीतर नियमित रूप से जारी करने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि मैडीकल रीइम्बर्समैंट के लगभग 7.30 करोड़ रुपए जारी करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा चालक-परिचालक और मैकेनिकों को एक वर्दी का नकद भत्ता तथा एक वर्दी तत्काल उपलब्ध करवाई जाएगी।
150 किलोमीटर से अधिक लंबे रूट पर अब फ्रंट सीट पर बैठेंगे परिचालक
यूनियन अध्यक्ष ने बताया कि 150 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले परिचालकों को फ्रंट सीट पर बैठने की मांग भी स्वीकार कर ली गई है। वहीं इस संबंध मेें जल्द ही प्रबंधन द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यूनियन ने सहयोगात्मक रवैया अपनाया और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापस लेने का फैसला किया।
इन मांगों पर भी बनी है सहमति
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक में हिमाचल के कंडक्टर को पंजाब के कंडक्टरों की तर्ज पर बराबर वेतनमान दिए जाने पर भी सहमति बनी है। इस मामले पर एक सप्ताह के भीतर सर्विस कमेटी मंजूरी प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त चालक-परिचालकों पर मैडीपर्सन एक्ट भी लागू होगा। इस एक्ट को आगामी आने वाले विधानसभा मानसून सत्र में पास करवाया जाएगा। इस मौके पर कंडक्टर यूनियन के पदाधिकारी दीपेंद्र कंवर सहित अन्य मौजूद रहे।