शिमला : प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-चार के दूसरे चरण के ग्रामीण सडक़ों के निर्माण तैयारी आरंभ हो गई है। लोक निर्माण विभाग के मंडल कार्यालयों से सडक़ों के प्रस्ताव आने लगे है। सरकार ने 1200 किलोमीटर नई ग्रामीण सडक़ें बनाने का लक्ष्य रखा है। विभाग निर्माण संबंधी औपचारिकताओं को पूरी करने के बाद इसे मंजूरी के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजेगा। लिहाजा पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ग्रामीण सडक़ों के निर्माण के लिए आमजन को भी विभाग का सहयोग करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना का चौथा चरण इस वित वर्ष में आरंभ हुआ है। योजना के पहले चरण में हिमाचल को 294 सडक़ों के निर्माण की मंजूरी ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से मिल चुकी है। इन सडक़ों के निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग ने मुख्य अभियंता स्तर पर टेंडर की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने योजना के दूसरे चरण 1200 किलोमीटर लंबाई की नई सडक़ों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए इएनसी कार्यालय की ओर से पूर्व में ही मंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों को निर्देश जारी कर सडक़ों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव भेजने को कहा था। लिहाजा वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय में मंडल कार्यालयों से प्रस्ताव आने आरंभ हो गए है, जिन पर कार्रवाई करते हुए ईएनसी कार्यालय में औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
केंद्र सरकार के पास मंजूरी को भेजा प्रस्ताव
ईएनसी ई. एनपी सिंह ने बताया कि पीएमजीएसवाई चार के दूसरे चरण के लिए सडक़ों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव तैयार किए जा रहे है। उनका कहना है कि तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन्हें मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा जाएगा।
लोगों से अपील, विभाग के नाम करें जमीन
नई सडक़ों के निर्माण को लेकर निजी भूमि बीच में आने की भी एक बड़ी बाधा आ रही है, जिसको मद्देनजर रखते हुए मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी आमजन से अपील की है कि वह स्वेच्छा से निर्माण के बीच आ रही भूमि की गिफ्ट डीड विभाग के नाम करें। बता दें कि लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में सडक़ों के निर्माण को लेकर एक शर्त सख्ती से लागू की है। जिसके तहत निर्माण के बीच में आने वाली निजी भूमि की गिफ्ट डीड होने की सूरत में ही सडक़ का कार्य आरंभ किया जाएगा।