नई दिल्ली: IAS-IPS Fight: आईपीएस रूपा ने अदालती कार्यवाही को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। IAS रोहिणी सिंधुरी का IPS रूपा मौदगिल से किस बात का झगड़ा? SC के पूर्व जज को सुलह की जिम्मेदारी IAS Rohini and IPS Roopa Fight: कर्नाटक कैडर की दो वरिष्ठ महिला अधिकारी आपस में ही लड़ गईं। आईएएस (IAS) अधिकारी रोहिणी सिंधुरी और आईपीएस (IPS) अधिकारी रूपा मौदगिल के बीच पिछले तीन साल से कड़वाहट और कानूनी लड़ाई जारी है। इसे हमेशा के लिए खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ से इस विवाद में मध्यस्थता करने और दोनों अधिकारियों के बीच स्थायी शांति स्थापित करने का अनुरोध किया है।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने दोनों पक्षों को आईना दिखाया। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ये दोनों अधिकारी इस अंतहीन मुकदमेबाजी के जरिए अपना खुद का करियर बर्बाद कर रहे हैं।
अदालत के सुझाव पर दोनों पक्ष सहमत
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों को इस आपसी झगड़े का मध्यस्थता के जरिए समाधान खोजने की सलाह दी, जिसे दोनों पक्षों के वकीलों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। अदालत ने दोनों अधिकारियों को जुलाई में जस्टिस कुरियन जोसेफ के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अधिकारियों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ निचली अदालतों में दायर किए गए मानहानि के मुकदमों की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।
क्या है पूरा विवाद?
आईएएस रोहिणी सिंधुरी और आईपीएस रूपा मौदगिल के बीच का यह विवाद तीन साल पहले तब सार्वजनिक हुआ था, जब दोनों के बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद तीखी बहस छिड़ गई थी। फरवरी 2023 में आईपीएस रूपा मौदगिल ने सोशल मीडिया पर आईएएस रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ एक के बाद एक कई पोस्ट किए थे। इन पोस्ट्स में उन्होंने रोहिणी पर आय से अधिक संपत्ति रखने सहित कई अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद रोहिणी सिंधुरी ने अदालत का रुख किया और रूपा को उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान देने से रोकने के लिए सफलतापूर्वक निषेधाज्ञा प्राप्त कर ली। आईपीएस रूपा ने इस अदालती कार्यवाही को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
करियर और गरिमा को बचाने की कोशिश
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से अपने मतभेदों को आपसी समझ से सुलझाने को कहा था। रोहिणी सिंधुरी की ओर से भी कार्यवाही को रद्द करने की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इसी अपील पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को देश की शीर्ष अदालत ने जस्टिस कुरियन जोसेफ को इस संवेदनशील मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया।