अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B वीजा पर लगाए गए सख्त प्रतिबंधों को रद्द करने के लिए डेमोक्रेटिक सांसद बोनी वॉटसन कोलमैन ने प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया है। ट्रंप ने सितंबर 2025 में यह फैसला लिया था, जिसमें H-1B वीजा धारकों को काम पर रखने वाले नियोक्ताओं पर उच्च वेतन स्तर अनिवार्य करने के साथ-साथ एक लाख डॉलर का भारी शुल्क लगाया गया था।
इस विधेयक में ट्रंप के आदेश को पूरी तरह निरस्त करने की मांग की गई है
कोलमैन ने इस विधेयक में ट्रंप के आदेश को पूरी तरह निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह नीति अमेरिकी नियोक्ताओं, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और शोध संस्थानों के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा कर रही है, जो उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों पर निर्भर हैं। सांसद ने जोर देकर कहा, “H-1B वीजा प्रोग्राम अमेरिकी कार्यबल की जगह नहीं लेता, बल्कि यह घरेलू और वैश्विक प्रतिभा को जोड़कर देश की आर्थिक वृद्धि और नवाचार को बढ़ावा देता है।”
H-1B वीजा प्रोग्राम उन क्षेत्रों में विदेशी विशेषज्ञों को नियुक्त करने की अनुमति देता है जहां कुशल श्रमिकों की कमी
H-1B वीजा प्रोग्राम अमेरिकी कंपनियों को उन क्षेत्रों में विदेशी विशेषज्ञों को नियुक्त करने की अनुमति देता है जहां कुशल श्रमिकों की कमी है, जैसे टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और शिक्षा। कोलमैन ने विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि ये प्रतिबंध ऐसे समय में चिंताजनक हैं जब अमेरिका उम्रदराज कार्यबल, कोविड के प्रभाव और नर्सों की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप प्रशासन की नर्सिंग डिग्री के लिए संघीय छात्र ऋण पर हालिया सीमाओं के साथ ये नियम नर्सिंग संकट को और गहरा सकते हैं।
विधेयक को कई डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन
विधेयक को कई डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन मिला है, जिसमें न्यूयॉर्क की यवेट डी. क्लार्क, फ्लोरिडा की लोइस फ्रैंकल, मैसाचुसेट्स के सेठ मोल्टन और जॉर्जिया के हेनरी सी. ‘हैंक’ जॉनसन शामिल हैं। समर्थकों का मानना है कि उच्च वेतन और महंगे शुल्क से संस्थानों के लिए आवश्यक प्रतिभा की भर्ती मुश्किल हो गई है, जो इनोवेशन और महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए जरूरी है।
H-1B वीजा धारकों में भारतीय पेशेवरों की संख्या सबसे अधिक
गौरतलब है कि H-1B वीजा धारकों में भारतीय पेशेवरों की संख्या सबसे अधिक है, खासकर तकनीकी क्षेत्र में। इसलिए, इस कार्यक्रम पर भारत और अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय की नजर बनी हुई है। कोलमैन का ‘वेलकमिंग इंटरनेशनल सक्सेस एक्ट’ इस दिशा में योग्य स्वास्थ्य पेशेवरों की मांग को पूरा करने में मदद कर सकता है।