Monday, August 17, 2026
BREAKING
पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर नशा बेचने वालों को बाहर करेंगे : नायब सिंह सैनी तीज का त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक : संध्या जैन जीवन कुंडू हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो, पीड़ितों पर दमन बंद करे सरकार : कुमारी सैलजा अंग्रेजों से भी ज्यादा अत्याचार कर रही भाजपा सरकार : दुष्यंत चौटाला शहीद स्मारक के उद्घाटन के बाद यहां हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को शाम के समय कार्यक्रम होंगे : अनिल विज हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों का आंदोलन उग्र, मांगों पर सरकार से नहीं बनी बात... Sonipat में रील के चक्कर में हवालात पहुंचे 8 युवक, स्वतंत्रता दिवस पर किया कांड...जानिए ऐसे कौन सी पोस्ट की शेयर किसानों और सरकार के बीच बातचीत शुरु, दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा पुलिस ने खनोरी बार्डर किया हुआ सील मां बनने से पहले सामंथा रुथ प्रभु ने लिया नया जिम्मा, 'सेलिब्रिटी मास्टरशेफ तमिल' को करेंगी होस्ट ट्रोलिंग को अब दिल पर नहीं लेतीं, सफलता की कहानी का हिस्सा मानती हूं : नीति टेलर

दुनिया

Bangladesh New PM: कौन हैं तारिक रहमान? 17 साल बाद लौटे और सीधे प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे, शेख हसीना दे चुकी है मौत की सजा

13 फ़रवरी, 2026 11:30 AM

बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की लहर देखी जा रही है। हाल ही में 12 फरवरी को संपन्न हुए 13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भारी बहुमत के साथ 'लैंडस्लाइड विक्ट्री' दर्ज की है। इस जीत के साथ ही देश की कमान अब तारिक रहमान के हाथों में जाना तय हो गया है। तारिक रहमान ने सरकार बनाने के लिए अपना आधिकारिक दावा पेश कर दिया है, जिससे बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक बिल्कुल नए अध्याय का सूत्रपात हुआ है।


ढाका में जन्मे तारिक रहमान का जीवन सत्ता और संघर्ष के साथ बीता
20 नवंबर 1965 को ढाका में जन्मे तारिक रहमान का जीवन सत्ता और संघर्ष के बीच झूलता रहा है। वे पूर्व राष्ट्रपति और बीएनपी के संस्थापक जिया-उर-रहमान तथा तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया के पुत्र हैं। लगभग 36 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बांग्लादेश को एक पुरुष प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। हालांकि, सत्ता के इस शिखर तक पहुँचने का उनका मार्ग कांटों भरा रहा है। उन्होंने अपने जीवन के 17 साल देश से बाहर निर्वासन में बिताए और इस दौरान उन्हें जेल की सलाखों, शारीरिक यातनाओं और कई राजनीतिक साजिशों का सामना करना पड़ा।


बचपन से राजनीति में रुचि
तारिक रहमान की राजनीति में रुचि बचपन से ही थी। 1990 के दशक में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और 1991 के चुनावों में अपनी मां खालिदा जिया को सत्ता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2001 में जब खालिदा जिया दूसरी बार पूर्ण कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री बनीं, तब तारिक रहमान पार्टी के भीतर सबसे प्रभावशाली चेहरे के रूप में उभरे। उस समय ढाका का ‘हवा भवन’ सत्ता का केंद्र बन गया था, जिसे सीधे तौर पर तारिक से जोड़कर देखा जाता था। इसी दौर में उन पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप भी लगे, जिसके कारण विपक्षी अवामी लीग ने उन्हें ‘डार्क प्रिंस’ की संज्ञा दी और उनकी छवि को काफी नुकसान पहुँचा।


उनके जीवन का सबसे कठिन दौर साल 2006-07 के राजनीतिक संकट के साथ शुरू हुआ। सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार ने जब भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चलाया, तो मार्च 2007 में तारिक को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और 2004 के ग्रेनेड हमले सहित कुल 84 मुकदमे दर्ज किए गए। जेल में रहने के दौरान उन्हें भारी यातनाएं दी गईं, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। सितंबर 2008 में जमानत मिलने के बाद वे इलाज के बहाने अपनी पत्नी जुबैदा और बेटी ज़ैमा के साथ लंदन चले गए। इसके बाद वे अगले 17 साल तक स्व-निर्वासन में रहे और वहीं से वीडियो कॉल के जरिए अपनी पार्टी का संचालन करते रहे।


जब मौत की सजा भी सुनाई गई
शेख हसीना के 15 साल के शासनकाल के दौरान तारिक रहमान को एक मामले में मौत की सजा भी सुनाई गई थी, लेकिन अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन ने पूरे देश की दिशा बदल दी। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी, जिसने तारिक को बड़ी कानूनी राहत प्रदान की। अदालतों ने उनके खिलाफ चल रहे मुकदमों को रद्द कर दिया, जिसके बाद दिसंबर 2025 में उन्होंने स्वदेश वापसी की घोषणा की। 25 दिसंबर को ढाका हवाई अड्डे पर लाखों समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।


स्वदेश लौटने के मात्र 50 दिनों के भीतर तारिक रहमान ने चुनावी मैदान में कदम रखा। इस दौरान उन्होंने अपनी मां खालिदा जिया को भी खो दिया। उन्होंने ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर ही शानदार जीत हासिल की। अब 60 वर्ष की आयु में तारिक रहमान एक ‘नरम स्वभाव’ वाले परिपक्व नेता के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने देश की जनता से स्वच्छ राजनीति, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, युवाओं के लिए रोजगार और पूर्ण लोकतंत्र की बहाली का संकल्प लिया है।

 

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं, कहा- सही मायने में मिल रहा बहुत सम्मान

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं, कहा- सही मायने में मिल रहा बहुत सम्मान

अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी

अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी

इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का भूकंप, इमारतें ढहीं, कम से कम 38 लोगों की मौत

इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का भूकंप, इमारतें ढहीं, कम से कम 38 लोगों की मौत

विदेशी राजदूतों और मिशनों ने भारत को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

विदेशी राजदूतों और मिशनों ने भारत को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर विश्व नेताओं ने दी बधाई, लोकतांत्रिक यात्रा और वैश्विक भूमिका को सराहा

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर विश्व नेताओं ने दी बधाई, लोकतांत्रिक यात्रा और वैश्विक भूमिका को सराहा

अमेरिका के राज्यों ने 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ किया घोषित, दुनियाभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस की धूम

अमेरिका के राज्यों ने 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ किया घोषित, दुनियाभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस की धूम

सिंधु जल समझौते पर बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़ : भारत ने रुख़ नहीं बदला तो देंगे सीधा जवाब

सिंधु जल समझौते पर बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़ : भारत ने रुख़ नहीं बदला तो देंगे सीधा जवाब

Colombia Earthquake: बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, अब तक 265 ने गंवाई जान, 496 अब भी लापता

Colombia Earthquake: बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, अब तक 265 ने गंवाई जान, 496 अब भी लापता

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के ‘पूरे नियंत्रण’ का किया दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के ‘पूरे नियंत्रण’ का किया दावा

केन्या में भारतीय उच्चायुक्त ने बताया—‘केन्या के लिए भारत क्यों है महत्वपूर्ण’

केन्या में भारतीय उच्चायुक्त ने बताया—‘केन्या के लिए भारत क्यों है महत्वपूर्ण’