चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस थाना डिवीजन संख्या-8, लुधियाना में तैनात सहायक उपनिरीक्षक हरदीप सिंह को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया है।
आज यहां इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गोपाल नगर, हैबोवाल कलां, लुधियाना निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी लगभग 22 वर्षीय पुत्री, जिसने सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) लुधियाना से सिलाई का पाठ्यक्रम उत्तीर्ण किया था, अपना परिणाम लेने के लिए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान घुमार मंडी गई थी, लेकिन वह शाम तक घर वापस नहीं लौटी। शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, परंतु उसकी पुत्री नहीं मिली। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी पुत्री के लापता होने संबंधी रिपोर्ट पुलिस थाना डिवीजन संख्या-8, लुधियाना में ड्यूटी अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक हरदीप सिंह के पास दर्ज कराई।
आरोप है कि आरोपी सहायक उपनिरीक्षक ने शिकायतकर्ता को थाने बुलाया और उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी तथा मौके पर ही उससे 6 हजार रुपये भी ले लिए।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद पुलिस थाना डिवीजन संख्या-08, लुधियाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद आरोपी सहायक उपनिरीक्षक हरदीप सिंह ने शिकायतकर्ता से प्राथमिकी की प्रति देने तथा मामले में आगे कार्रवाई करने के लिए शेष 14 हजार रुपये देने को कहा।
रिश्वत देने के लिए तैयार न होने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी सहायक उपनिरीक्षक को दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विजिलेंस ब्यूरो के लुधियाना पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की जांच जारी है।