शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के चौथे वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि शिमला स्थित डेंटल कॉलेज का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला किया जाएगा। उन्होंने हमीरपुर में 300 करोड़ रुपए की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर से रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे न केवल रोगियों का उपचार करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोगों की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं और 3 टेस्ला एमआरआई जैसी उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सकती है। राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ जिला अस्पतालों में भी उन्नत तकनीक और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और किफायती उपचार की सुविधा मिल सके तथा इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इसी तरह का एक कार्यक्रम डेंटल डॉक्टरों के साथ भी आयोजित किया जाएगा, ताकि डेंटल कॉलेजों में लोगों को आधुनिक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला से शिक्षा प्राप्त कर निकले डॉक्टर आज देश-विदेश में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के डॉक्टर अत्यंत प्रतिभाशाली और सक्षम हैं तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।