चंडीगढ़ : सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे से प्रदेश की जनता को बड़ी उम्मीदें थीं। लोगों को विश्वास था कि हरियाणा को नई औद्योगिक परियोजनाएं, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई तथा आधारभूत ढांचे से जुड़े नए विकास कार्यों की घोषणा मिलेगी। लेकिन कार्यक्रम के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अधिकांश घोषणाएं पहले से स्वीकृत, प्रगति पर चल रही अथवा पूर्व में घोषित योजनाओं से संबंधित थीं।कुमारी सैलजा ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न पुरानी योजनाओं और परियोजनाओं की लागत को जोड़कर इसे लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की नई सौगात के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जबकि इनमें से अनेक योजनाओं पर वर्षों से कार्य चल रहा है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि वास्तव में इस दौरे के दौरान हरियाणा के लिए कौन-सी नई परियोजनाएं स्वीकृत की गईं और किन नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया गया।कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस किसी भी विकास कार्य का स्वागत करती है, चाहे वह किसी भी सरकार द्वारा किया जाए। लेकिन विकास के नाम पर तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना उचित नहीं है। जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखी जानी चाहिए ताकि विकास के दावों और धरातल की सच्चाई में अंतर स्पष्ट हो सके। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा आज बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, उद्योगों में निवेश की सुस्ती तथा शहरी और ग्रामीण आधारभूत ढांचे जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में प्रदेश को नई और दूरगामी परियोजनाओं की आवश्यकता थी, जिनसे युवाओं को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।सांसद ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि केंद्र और राज्य सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि प्रधानमंत्री के इस दौरे में हरियाणा को कौन-कौन सी नई स्वीकृतियां मिलीं, कितनी नई धनराशि आवंटित की गई और इन परियोजनाओं के पूरा होने की समय-सीमा क्या होगी। लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है तथा जनता को सही जानकारी मिलनी चाहिए।