चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि समाज, परिवार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। सरकार कानून बनाकर और पुलिस कार्रवाई कर नशे के कारोबार पर अंकुश लगा सकती है, लेकिन इस बुराई का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब पूरा समाज इसके विरुद्ध एकजुट होकर जन-आंदोलन खड़ा करे। उन्होंने कहा कि 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग और जन-सहभागिता को मजबूत करते हुए प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को पंचकूला में 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत 'नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए सभी लोगों को नशा विरुद्ध शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य लेकर देश आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव है, जब देश और प्रदेश का युवा नशे से मुक्त होकर अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला है। सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के सहयोग से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाया जाएगा।
आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने का अभियान है नशा मुक्त हरियाणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा का यह संकल्प केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति, संस्था, सामाजिक संगठन, केमिस्ट, पुलिस अधिकारी अथवा नागरिक इस अभियान में सहयोग कर रहा है, वह भविष्य के सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह संवाद केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस संकल्प का उद्घोष है, जो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा। यह ऐसे हरियाणा के निर्माण का अभियान है, जहां युवाओं की आँखों में राष्ट्र निर्माण का सपना होगा। उन्होंने इस अभियान से जुड़े सभी स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, केमिस्ट समुदाय, पुलिस अधिकारियों तथा जागरूक नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को तोड़ देता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा ऐसी सामाजिक बुराई है, जो व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती है। यह केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, परिवार, संस्कार और सामाजिक मूल्यों को भी तोड़ देता है तथा अंततः राष्ट्र की ऊर्जा को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और हरियाणा देश की सबसे ऊर्जावान भूमि है। प्रदेश के युवाओं ने खेल, शिक्षा, विज्ञान, उद्योग तथा अनेक क्षेत्रों में देश और दुनिया में हरियाणा का नाम रोशन किया है। ऐसे में यदि यही युवा नशे की गिरफ्त में चला जाए तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की हार होगी।
उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति का जीवन बर्बाद नहीं करता, बल्कि एक मां की मुस्कान, पिता का सहारा, बहन की सुरक्षा, पत्नी का विश्वास और बच्चों का भविष्य भी छीन लेता है। इसलिए नशे के विरुद्ध संघर्ष केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, परिवार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का विषय है।
जन-आंदोलन से ही समाप्त होगी यह सामाजिक बुराई
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब समाज ने किसी बुराई के विरुद्ध सामूहिक संकल्प लिया है, तब-तब असंभव भी संभव हुआ है। महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन बनाया और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से करोड़ों लोगों को जनभागीदारी से जोड़ा। इसी प्रकार अब नशे के विरुद्ध भी व्यापक जन-आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार कानून बना सकती है, पुलिस अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई कर सकती है और न्यायालय न्याय सुनिश्चित कर सकते हैं, लेकिन समाज की सोच को बदलने का कार्य स्वयं समाज ही कर सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर से आए स्वयंसेवी संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि लोककल्याण की सर्वोच्च परंपरा है। जहां सरकार की पहुंच सीमित होती है, वहां स्वयंसेवी संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचते हैं। जब कोई युवा निराशा या नशे की गिरफ्त में टूटने लगता है, तब समाजसेवी संगठन उसका हाथ थामकर उसे नई दिशा देने का कार्य करते हैं।