जींद (हरियाणा)। भारतीय रेलवे और जींद जिले के इतिहास में 17 जुलाई 2026 का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। उत्तर रेलवे (Northern Railways) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद के नवनिर्मित अमरित भारत स्टेशनों (जींद और नरवाना) को राष्ट्र को समर्पित करने के लिए जींद का दौरा करेंगे। इस बेहद खास और भव्य अवसर पर प्रधानमंत्री भारत के पहले हाइड्रोजन प्लांट और जींद से सोनीपत के बीच देश की पहली 'हाइड्रोजन ट्रेन सेवा' का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन भी करेंगे। इस राष्ट्रीय उपलब्धि को यादगार बनाने और युवाओं को प्रेरित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने कई शैक्षणिक गतिविधियों और स्कूली बच्चों के ऐतिहासिक सफर की योजना तैयार की है।
हाइड्रोजन ट्रेन के पहले सफर के साक्षी बनेंगे 200 बच्चे
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल (जींद क्षेत्र) द्वारा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को भेजे गए निर्देश के अनुसार, इस ऐतिहासिक उद्घाटन रन (Inaugural Run) के लिए कक्षा 6वीं से 9वीं तक के 200 स्कूली बच्चों के एक विशेष दल का चयन किया जा रहा है। ये बच्चे अपने शिक्षकों के साथ जींद सिटी से सोनीपत और वापसी के इस सफर के लिए ऐतिहासिक हाइड्रोजन ट्रेन में सवार होंगे। हालांकि, सुरक्षा और प्रोटोकॉल के तहत वापसी में सभी बच्चों को पांडु पिंडारा स्टेशन पर उतारा जाएगा और वहाँ से वापस जींद स्टेशन लाया जाएगा।
स्कूलों में आयोजित होंगी प्रतियोगिताएं, विजेताओं को पीएम करेंगे सम्मानित
इस ऐतिहासिक पल के जश्न में छात्रों को जोड़ने के लिए क्षेत्र के 5 चुनिंदा स्कूलों में कक्षा 7वीं और 8वीं के बच्चों के लिए विशेष चित्रकला (Drawing) और निबंध (Essay) प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन प्रतियोगिताओं के लिए दो बेहद खास विषय तय किए गए हैं:
"मेरे शहर का विकसित स्टेशन भारत में कैसा होगा?"
"विकसित भारत बनाने के लिए मैं क्या करूँगा/करूंगी?"
इन प्रतियोगिताओं के जो भी शीर्ष विजेता (Top Winners) होंगे, उन्हें 17 जुलाई 2026 को मुख्य उद्घाटन समारोह के दौरान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंच से पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।
सुरक्षा और प्रोटोकॉल के सख्त निर्देश
कार्यक्रम के राष्ट्रीय महत्व और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए, मंडल रेल प्रबंधक (कार्मिक) कार्यालय ने शिक्षा विभाग से बच्चों के चयन और उनकी लॉजिस्टिक्स व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उचित तालमेल बिठाने का आग्रह किया है, ताकि कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।