हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और राजकीय स्कूलों में जमीनी स्तर पर सुधार सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने प्रदेश के तीन राजकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने सबसे पहले करनाल जिले के नीलोखेड़ी क्षेत्र के रायपुर रोडान गांव स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल और राजकीय हाई स्कूल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अंबाला के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शाहा का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
सरपंचों, एसएमसी और छात्रों से सीधा संवाद
महीपाल ढांडा ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेने के लिए संबंधित गांवों के पंचों और सरपंचों को मौके पर बुलाया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों से भी चर्चा की।
इसके बाद शिक्षा मंत्री ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के स्तर, किताबों की उपलब्धता और स्कूल में आने वाली अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
मंत्री ने निर्देश दिए कि पंचायत अथवा सरपंच स्तर पर हल होने वाली समस्याओं का स्थानीय प्रशासन और पंचायत के सहयोग से तत्काल समाधान कराया जाए। शिक्षा विभाग से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द हल करने के निर्देश भी दिए गए।
1500 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प की योजना
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों को Model Educational Institutions के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने चरणबद्ध योजना तैयार की है।
योजना के पहले चरण में प्रदेश के 1500 राजकीय स्कूलों को चिन्हित किया गया है। इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक बुनियादी सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके बाद अन्य सरकारी स्कूलों का भी चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प किया जाएगा।
लापरवाही पर सख्त रुख, स्वच्छता पर जोर
महीपाल ढांडा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी शिक्षण संस्थानों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों और प्राचार्यों से अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने स्कूलों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है।
लगातार कर रहे स्कूल-कॉलेजों का निरीक्षण
शिक्षा मंत्री के अनुसार, हाल के दिनों में वे प्रदेश के 3 राजकीय कॉलेजों और 5 राजकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। लगातार किए जा रहे इन दौरों से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ाने के साथ स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है।