यूपी में विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने के साथ ही भाजपा और सपा में एक दूसरे पर हमले तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी लगातार 2017 से पहले की स्थिति बताते हुए अखिलेश यादव और उनकी सरकार पर हमले कर रहे हैं। अब अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपनी प्रशासनिक अक्षमता के चलते उत्तर प्रदेश को पिछड़ा बीमारू प्रदेश बना दिया है। विकास का ढोल पीटा जा रहा है। जिन योजनाओं का खूब विज्ञापन छपा वे सब भ्रष्टाचार की शिकार बन गई हैं।
कुकृत्यों से ही राम मंदिर पर चढ़ावा चोरी का काला दाग
एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं और सड़के धंस रही है। हर तरफ लूट, झूठ और चोरी का चक्र अबाध गति से चल रहा है। अयोध्या और राम मंदिर को लेकर भाजपा ने खूब हो हल्ला मचाया। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक विकास का दावा किया लेकिन भाजपा के कुकृत्यों के कारण अयोध्या और राममंदिर पर चढ़ावा चोरी का काला दाग लग गया।
काले कारनामे छिपाने के लिए बचकाने बयान
एक बयन में उन्होंने कहा कि चढ़ावा-चंदा-दान चोरी खुलने के बाद से भाजपा-आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं के काले कारनामों से जनता भलीभांति परिचित हो गई है। भाजपा में इससे बदहवासी छा गई हैं। जनता का ध्यान अपने पापकर्म से भटकाने के लिए अब बचकाने बयान दिए जा रहे है। इससे जनता में भाजपाइयों और उनके संगी साथियों के खिलाफ गुस्सा और बढ़ता जा रहा है। भाजपाइयों की नकारात्मक सोच का छोटापन दिन-पर-दिन बढ़ता जा रहा है।
सब खुद को बचाने में लगे
अखिलेश यादव ने कहा कि सच तो यह है कि एक दल के रूप में भाजपा में अब कोई आत्मा नहीं बची है। शरीर पर धर्म-धन चोरी के अनगिनत असाध्य जख्म उभर आए हैं। भाजपा राजनीतिक रूप से विक्षिप्तावस्था में चली गई है। सब अपने को बचाने में लगे हैं लेकिन कोई बचने वाला नहीं है, एक-एक की कलई खुलने वाली है। इसमें देर नहीं।
आस्थावानों से खिलवाड़, सुनियोजित प्लान
अखिलेश ने कहा कि अयोध्या में चंदा-चढ़ावा चोरी से यह तो स्पष्ट हो गया है कि भाजपा-आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद की तिकड़ी ने आस्थावानों की भावना से खिलवाड़ का एक सुनियोजित प्लॉन तैयार कर रखा था। न्यास के नाम पर अपने लोगों को सेट कर भ्रटाचार का व्यास बढ़ाया गया। आपस में अधर्मी मुनाफे की बंदरबांट कर ली गई। जनता इन सभी का सामाजिक राजनीतिक बहिष्कार करेंगे।
किसान बेहाल,पूंजीपतियों को संरक्षण
सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार हर मोर्चे पर विफल और नाकारा साबित हुई है। किसान परेशान है उसका समय से खाद, बीज और कीटनााक कुछ भी नहीं मिल रहा है। फसल की लागत भी नहीं मिल रही है। पूंजीपतियों को संरक्षण दिया जा रहा है। गरीब और गरीब होता जा रहा है। महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही है। पूंजी निवेश के नाम पर सिर्फ जुमलेबाजी से काम चल रहा है। भाजपा से ऊबी जनता अब 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने को संकल्पित है।