सुरक्षा परिषद ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) की समय सीमा को उसकी वापसी से पहले अंतिम बार बढ़ा दिया है। मतदान के बाद इस पर फैसला लिया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 15 सदस्यीय परिषद द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव 2790, यूनिफिल के कार्यकाल को 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ाता है, जिसके बाद एक वर्ष के भीतर कर्मचारियों की संख्या में कमी की जाएगी और फिर उनकी वापसी होगी।
50 साल से चली आ रही इस शांति सेना की तैनाती अब धीरे-धीरे समाप्त होगी
प्रस्ताव में यूनिफिल से अनुरोध किया गया है कि 31 दिसंबर, 2026 के बाद इस मिशन को खत्म कर दिया जाए। स्पष्ट है कि मतदान ने यह तय कर दिया कि दक्षिण लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का मिशन साल 2026 के आखिर तक खत्म कर दिया जाएगा। इससे साफ है कि 50 साल से चली आ रही इस शांति सेना की तैनाती अब धीरे-धीरे समाप्त होगी। प्रस्ताव में लेबनानी सरकार से 1995 के सैन्य स्थिति समझौते के सभी प्रावधानों, विशेष रूप से लेबनान में यूनिफिल की आवाजाही की स्वतंत्रता और उसके विशेषाधिकारों से संबंधित प्रावधानों का पूरी तरह से सम्मान करने का आह्वान किया गया है।
इस मिशन की स्थापना 1978 में की गई थी, जिसका ध्येय दक्षिण लेबनान से इजरायली सेना की वापसी पर नजर रखना था
इस मिशन की स्थापना 1978 में की गई थी, जिसका ध्येय दक्षिण लेबनान से इजरायली सेना की वापसी पर नजर रखना था। उस वक्त इजरायल ने लेबनान पर हमला किया था। इसके बाद 2006 में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच एक महीने लंबा युद्ध हुआ। उस समय इस मिशन की जिम्मेदारी और बढ़ा दी गई थी। इसका काम सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संघर्ष विराम और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना भी इसमें शामिल हो गया। संकल्प 2790, संकल्प 1701 के पूर्ण कार्यान्वयन की मांग करता है। इसके तहत युद्ध विराम और ब्लू लाइन ( साल 2000 में यूएन की ओर से लेबनान और इजरायल के बीच स्थापित एक सीमा रेखा) के पूर्ण सम्मान की बात करता है।