राष्ट्रपति के प्रस्तावित शिमला दौरे को लेकर जिला पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दौरे के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। इसके लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और अलग-अलग स्थानों पर 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस द्वारा एंटी-सैबोटाज जांच, प्रवेश नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी, रूट सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
खास बात यह है कि आम लोगों के लिए किसी भी प्रकार का स्थायी ट्रैफिक प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय निवासी, पर्यटक और रोजाना यात्रा करने वाले लोग बिना परेशानी के आ-जा सकेंगे। हालांकि, वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ समय के लिए कुछ मार्गों पर यातायात को रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। इस दौरान वैकल्पिक मार्ग भी लागू किए जाएंगे और जरूरत पडऩे पर भारी वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा पहले से योजना बनाकर करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। साथ ही सडक़ किनारे या प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन खड़ा करने से बचें। आपात सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों को हर हाल में प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
पुलिस ने होटल, गेस्ट हाउस संचालकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां ठहरने वाले मेहमानों का पूरा रिकॉर्ड रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके अलावा किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन करना भी जरूरी बताया गया है। दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों से अपने आसपास सफाई बनाए रखने और सुरक्षा जांच में सहयोग करने की अपील की गई है। आम लोगों से भी कहा गया है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी सामान बिना देखरेख के न छोड़ें और अगर कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जिला पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दौरे के सफल संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं और आम जनता के सहयोग से यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगा।