रामपुर बुशहर मिनी सचिवालय रामपुर बुशहर में शुक्रवार को रैम्प योजना के तहत स्मार्ट एमएसएमई विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की विश्व बैंक समर्थित परियोजना के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को उद्योग 4.0 की आधुनिक तकनीकों से जोड़ना था।
कार्यशाला में उद्योग विभाग के विस्तार अधिकारी यशपाल शर्मा सहित 30 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया। तकनीकी विशेषज्ञ अभिलक्ष लौ ने स्मार्ट एमएसएमई योजना की जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीकों से उत्पादन लागत कम करने, मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलती है।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), क्लाउड आधारित उद्यम संसाधन नियोजन प्रणाली (ईआरपी), मशीनों की निगरानी, ऊर्जा प्रबंधन और रोबोटिक स्वचालन जैसी तकनीकों के उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से मशीनों में संभावित खराबियों का पहले पता लगाने, बिजली की खपत नियंत्रित करने और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।
कार्यशाला में स्मार्ट तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया। योजना के तहत इच्छुक औद्योगिक इकाइयों का निःशुल्क तकनीकी सर्वेक्षण किया जा रहा है, जबकि चयनित इकाइयों को प्रायोगिक परियोजनाओं के माध्यम से तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
कार्यशाला के माध्यम से उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपने व्यवसाय की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।