चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुरूप नशों के खिलाफ छेड़ी गई निर्णायक लड़ाई को और तेज करते हुए पंजाब पुलिस ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के अगले चरण की शुरुआत की है। इसके तहत अवैध हवाला कारोबारियों और संचालकों के खिलाफ तीन दिवसीय राज्यस्तरीय विशेष अभियान शुरू किया गया है, जो ड्रग मनी के लेन-देन और नशा तस्करी नेटवर्क को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
डीजीपी ने कहा, “पंजाब पुलिस ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढांचे को ध्वस्त करने के लिए सुदृढ़ रणनीति अपनाई है। इसका उद्देश्य नशा तस्करी से अर्जित धन से निर्मित वित्तीय परिसंपत्तियों की पहचान करना, उनका पता लगाना, उन्हें फ्रीज करना तथा जब्त करना है।”
अभियान की शुरुआत से अब तक पंजाब पुलिस ने नशा तस्करों, हवाला संचालकों, मादक पदार्थों की अवैध कमाई तथा गैर-कानूनी तरीके से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ लगातार कानूनी कार्रवाई कर नशा तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढांचे को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया है। इस अभियान का उद्देश्य ड्रग सिंडिकेटों के आर्थिक आधार को पूरी तरह ध्वस्त करना भी है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि नशा तस्करी से जुड़े गुप्त वित्तीय चैनलों को निशाना बनाने से नार्को-हवाला सिंडिकेटों को बड़ा झटका लगा है। ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत अब तक विशेष प्रवर्तन अभियानों में 73 हवाला संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 10 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई है।
नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त कर उन्हें कड़ा सबक सिखाने के उद्देश्य से डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत 830 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की गई हैं। उन्होंने बताया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा 1,727 से अधिक संपत्तियों को जब्त करने संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।
अवैध वित्तीय गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ इन बड़ी कार्रवाइयों के अलावा पुलिस टीमों ने 1 मार्च 2025 से अब तक आरोपियों के कब्जे से नशा कारोबार से अर्जित 20 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई भी बरामद की है।
डीजीपी ने कहा कि यह अभूतपूर्व सफलता ठोस जांच और खुफिया जानकारी आधारित पुलिसिंग का परिणाम है। उन्होंने कहा, “नशों के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारियों और बरामदगियों से नहीं जीती जा सकती। हवाला नेटवर्क, अपराध से अर्जित आय और अवैध रूप से प्राप्त संपत्तियों को निशाना बनाकर हम तस्करों के वित्तीय ढांचे को नष्ट कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे इस धन का उपयोग आगे किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि के लिए न कर सकें।”
पंजाब पुलिस ने नशों के खिलाफ शून्य-सहनशीलता (ज़ीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई हुई है और नशा तस्करी की वित्तीय रीढ़ को तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।