मोहाली : पंजाब के मोहाली (जीरकपुर) में ट्रैफिक पुलिस के एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) द्वारा कथित तौर पर रिश्वत लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर होने वाले चालान से बचने और मौके पर खींची गई गाड़ी की फोटो को डिलीट करने के एवज में यह रकम ली गई थी. वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक विंग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. वायरल वीडियो जीरकपुर क्षेत्र का बताया जा रहा है, जिसमें एक युवक ट्रैफिक बूथ के ठीक बाहर तैनात एएसआई से बातचीत करता नजर आ रहा है. वीडियो में युवक और पुलिसकर्मी के बीच रिश्वत की रकम को लेकर हुई सौदेबाजी की बातचीत साफ सुनी जा सकती है: रकम पर सौदेबाजी: युवक शुरुआत में एएसआई से कहता है, "सर जी, 500 हैं।" लेकिन एएसआई इस पर राजी नहीं होता और कहता है, "500 में नहीं होगा, जल्दी (और) लेकर आ।"
साथी से लिए पैसे: इसके बाद युवक बाहर खड़े अपने एक अन्य साथी के पास जाता है और उससे और पैसे लेकर एएसआई को सौंप देता है.
फोटो डिलीट करने की डील: पैसे देते हुए युवक कहता है, "अब तो चालान नहीं होगा न? सर जी, फोटो डिलीट कर देना।" इस पर आरोपी एएसआई युवक को आश्वासन देते हुए कहता है, "हां, कर देंगे… कर देंगे।"
इस पूरे मामले पर आरोपी एएसआई सोहन सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने सफाई देते हुए कहा:
"इस वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मैंने किसी भी तरह की कोई रिश्वत या अवैध रकम स्वीकार नहीं की है। युवक खुद जबरन पैसे देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मैंने मना कर दिया था। बातचीत के बाद उस युवक को बिना चालान के ही हिदायत देकर छोड़ दिया गया था।"
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब मोहाली के एसपी (ट्रैफिक) नवनीत सिंह महल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि फिलहाल यह वीडियो आधिकारिक तौर पर उनके पास नहीं पहुंचा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही यह वीडियो उनके समक्ष आता है, इसकी बारीकी से तकनीकी जांच कराई जाएगी. यदि वीडियो में एएसआई द्वारा पैसे लेने या पद के दुरुपयोग की बात सच साबित होती है, तो तुरंत पूरी रिपोर्ट एसएसपी मोहाली के संज्ञान में लाई जाएगी और आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय व कानूनी नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.