मोहाली/एसएएस नगर : पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज मोहाली में राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए सरकारी कर्मचारियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास की ओर एक विशाल विरोध मार्च निकाला। जैसे ही प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का यह काफिला मोहाली-चंडीगढ़ सीमा (बॉर्डर) के पास पहुंचा, वहां पहले से ही तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें कड़े सुरक्षा घेरे और बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। जब कुछ उत्साहित प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की तरफ आगे बढ़ने के लिए पुलिस बैरिकेड्स को पार करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पानी की बौछारें (Water Cannons) कीं। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी संघों के नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:
कच्चे और संविदा (कॉन्ट्रेक्ट) पर काम कर रहे कर्मचारियों की सेवाओं को तुरंत नियमित (Regularize) करना।
विभिन्न संवर्गों (Cadres) के सेवा लाभों और वेतन विसंगतियों को दूर करना।
लंबे समय से लंबित भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों को बहाल करना।
मुख्यमंत्री के साथ एक आधिकारिक समीक्षा बैठक सुनिश्चित करना, ताकि इन मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
इस विरोध मार्च और पुलिस की कार्रवाई के कारण मोहाली के सीमावर्ती इलाकों और प्रमुख मार्गों पर काफी समय तक यातायात (Traffic) पूरी तरह बाधित रहा, जिससे आम राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो वे अपने इस आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे।