कर्नाटक: कर्नाटक में विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करने से भारतीय जनता पार्टी बुरी तरह भड़की हुई है। राज्य भाजपा के अध्यक्ष विजयेंद्र का कहना है कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान कर ली गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मिलकर जल्दी ही इन पर ऐक्शन लिया जाएगा। माफी का सवाल ही नहीं; कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग करने वाले अपने विधायकों पर भड़की BJP
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे में बवाल मचा हुआ है। इसकी वजह है कल कर्नाटक विधानस परिषद चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग। कल सात सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी पांच सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही, जबकि दो सीटों पर भाजपा ने कब्जा कर लिया। इस पूरे क्रम में जेडीएस घाटे में रही। पार्टी एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारे हुई थी लेकिन कुछ भाजपा और कुछ जेडीएस विधायकों की क्रॉस वोटिंग की वजह से यह सीट भी कांग्रेस के खाते में चली गई। अब भारतीय जनता पार्टी ने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ ऐक्शन लेने की तैयारी कर ली है।
गुरुवार को क्रॉस वोटिंग की वजह से एक सीट गंवाने वाली कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र गुस्से में दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान कर ली गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलकर जल्दी ही इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "मेरे पास पूरी जानकारी है कि कल किसने क्रॉस वोटिंग की। जेडी (S) के छह से सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। भाजपा से भी करीब 5 से 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। हमारे जिन विधायकों ने यह काम किया है, उन्हें माफ करने का कोई सवाल ही नहीं है।"
बता दें, कर्नाटक में हाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले डीके शिवकुमार के लिए यह क्रॉस वोटिंग एक बड़ी जीत है। कांग्रेस अपने सभी पांच उम्मीदवारों को जिताने में कामयाब रही। सत्ताधारी दल को 151 वोट मिले, जबकि उनके पास केवल 141 वोट थे। 11 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। एक तरफ कांग्रेस खुश है वहीं, राज्य में गुटबाजी के परेशान भाजपा के लिए यह एक बड़ा झटका है।
जेडीएस अब जेनजी के भरोसे
भारतीय जनता पार्टी अपने दोनों उम्मीदवारों को जिताने में कामयाब रही, लेकिन असली झटका उसकी सहयोगी जेडीएस को लगा। वह अपना एक मात्र उम्मीदवार भी नहीं जिता पाई। पार्टी के पास केवल 18 वोट थे। इस हार के बाद केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता कुमारास्वामी ने स्वीकार किया की पार्टी के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। उन्होंने कहा, "चार लोगों ने क्रॉस वोटिंग की है। मुझे पता है कि वह कौन लोग हैं। मुझे यह भी पता है कि वह पार्टी छोड़ने की चर्चा कर चुके हैं। जो जाना चाहता है, वह जा सकता है।
कुमारस्वामी ने कहा कि पार्टी अब युवा और जेनजी नेताओं के बीच में अपनी पैठ मजबूत करेगी। उन्होंने कहा, “पार्टी अब अपने आप को नए स्तर से मजबूत करने का काम करेगी। नए युवा, जिन्हें आजकल जेनजी कहा जाता है। उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा। मुझे पहले से ही इस परिणाम का अंदाजा था। इसलिए मैं अब परेशान नहीं हूं।”
दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी में इस जीत को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की जीत के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ अपने विधायकों को साधे रखा, बल्कि भाजपा और जेडीएस के विधायकों में भी सेंध लगा दी। हाल में देश के कई राज्यों में विपक्षी पार्टियों के विधायक और सांसद टूट रहे हैं। ऐसे मौके पर कर्नाटक में भाजपा के विधायकों से क्रॉस वोटिंक करवा के शिवकुमार ने नया संदेश दिया है।