मणिपुर में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इंफाल वेस्ट और कांगपोकपी जिले की सीमा पर उस वक्त स्थिति बेकाबू होने लगी, जब कुकी समुदाय के लोगों ने नागा समूहों द्वारा लगाई गई 'आर्थिक नाकेबंदी' के खिलाफ उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप होने से नाराज कुकी प्रदर्शनकारियों ने बफर जोन की ओर मार्च किया, जिसके बाद इलाके में भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद 6 नागा नागरिकों की हत्या से जुड़ा है। नागा संगठनों का आरोप है कि इन नागरिकों का लेलोन वैफेई से अपहरण किया गया था और बाद में कुकी नेशनल फ्रंट (KNF-P) के उग्रवादियों को सौंप दिया गया, जहां उनकी हत्या कर दी गई। इसके विरोध में युनाइटेड नागा काउंसिल (UNC), नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO), और ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मणिपुर (Ansam) जैसे संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) पर अनिश्चितकालीन नाकेबंदी कर दी है। नागा समूहों ने साफ कर दिया है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और उनके 'चार्टर ऑफ डिमांड' को लागू नहीं किया जाता, यह नाकेबंदी जारी रहेगी।
कुकी प्रदर्शनकारियों का मार्च और सुरक्षाबलों की कार्रवाई
इस आर्थिक नाकेबंदी के कारण कांगपोकपी जिले के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई लगभग पूरी तरह कट गई है। इसी के विरोध में मंगलवार को मोटबुंग और गामगिफई इलाके से करीब 200 कुकी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। वे नमदिलोंग (कंगलातोंग्बी क्षेत्र) की ओर बढ़ना चाहते थे, लेकिन संवेदनशील सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी इसी इलाके में उस वक्त झड़पें हुई थीं, जब सुरक्षाबलों ने कुकी नागरिकों को इस रास्ते से एस्कॉर्ट करने की कोशिश की थी, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।
अल्टीमेटम खत्म, गहराया संकट
हालात की गंभीरता को देखते हुए कुकी-जो संगठन कमिटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) ने केंद्र और मणिपुर सरकार को शनिवार आधी रात से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उनकी मांग थी कि राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय राजमार्गों पर आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आवाजाही तुरंत सुनिश्चित की जाए। यह डेडलाइन अब खत्म हो चुकी है।
दूसरी तरफ, नागा छात्र और महिला संगठनों (SDWA, SDSA) ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए चेतावनी दी है कि जो भी इस नाकेबंदी और आंदोलन का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।