Sunday, September 06, 2026
BREAKING
बिहार में बाढ़ का कहर, 11 जिलों के 16.85 लाख लोग प्रभावित; राहत-बचाव कार्य जारी मेट्रो में बच्चों संग पीएम मोदी की खास बातचीत, जन्माष्टमी से किताबों तक छिड़ी चर्चा ‘फिट इंडिया-संडे ऑन साइकिल’ में डॉ. मांडविया का युवाओं को संदेश, स्वस्थ भारत से बनेगा विकसित भारत ‘दिमागी नक्सल वो होम्योपैथिक गोली जिसने सबको बाहर निकाल दिया, पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज ज्वालामुखी विस्फोट से मची अफरा-तफरी, राख के कारण जकार्ता एयरपोर्ट की उड़ानें प्रभावित पुतिन और अमेरिकी प्रतिनिधियों की अहम बैठक, यूक्रेन संघर्ष के मूल कारणों पर हुई चर्चा गुजरात पुलिस का ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ा फैसला, अब हर जिले और शहर में 'एंटी-नारकोटिक्स विंग' करेगी काम लक्जमबर्ग के उप-प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल आएंगे भारत, जयशंकर से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता ईरान में ईंधन टैंकर में धमाका, हादसे में 11 लोगों की मौत, सात लोग घायल रूस के साथ अमेर‍िकी प्रत‍िन‍िध‍ियों की बातचीत के बीच जेलेंस्‍की भी युद्धविराम के लिए तैयार, हमले रोकने का ल‍िया न‍िर्णय

बाज़ार

भारत यूरोप के लिए डीजल का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है: रिपोर्ट

06 सितंबर, 2026 02:27 PM

वैश्विक ऊर्जा व्यापार में भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। ऊर्जा खुफिया फर्म वोर्टेक्सा की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस से डीजल आपूर्ति में तेज गिरावट और अमेरिका से होने वाले निर्यात में कमजोरी के बीच भारत यूरोप के लिए डीजल का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। अगस्त 2026 में बाब-अल-मंदेब जल मार्ग से होकर यूरोप जाने वाले डीजल कार्गो का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा भारतीय रिफाइनरियों से आया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त के दौरान यूरोप के लिए रवाना हुए लगभग 2 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) डीजल और गैसऑयल ने बाब-अल-मंदेब मार्ग का उपयोग किया, जो पिछले वर्ष के समान स्तर के करीब रही। उल्लेखनीय है कि मार्च और अप्रैल 2026 में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से होने वाली आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। ऐसे समय में भारत ने यूरोप की पूर्वी आपूर्ति शृंखला को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारत की यह स्थिति उसके विशाल रिफाइनिंग नेटवर्क पर आधारित है। वर्तमान में भारत 258.1 मिलियन टन प्रतिवर्ष की स्थापित क्षमता के साथ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल शोधन केंद्र है। देश की रिफाइनिंग क्षमता घरेलू ईंधन मांग से काफी अधिक है, जिससे भारतीय कंपनियों को बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने का अवसर मिलता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया, जिससे वह दुनिया के सबसे बड़े परिष्कृत ईंधन निर्यातकों में शामिल हो गया। इन उत्पादों की मांग यूरोप में लगातार बढ़ रही है, जहां प्रतिबंधों, रिफाइनरियों में व्यवधान और वैश्विक व्यापार मार्गों में बदलाव के कारण वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की आवश्यकता बढ़ गई है।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोप के डीजल बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका की स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं, जिसका मुख्य कारण भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति में आई कमी है। अगस्त में भारत को मिलने वाली कच्चे तेल और कंडेनसेट की आपूर्ति लगातार दूसरे महीने घटकर लगभग 38 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई, जबकि एक वर्ष पहले यह आंकड़ा 48 लाख बैरल प्रतिदिन था।

यूरोप में डीजल आपूर्ति पर दबाव का सबसे बड़ा कारण रूस से होने वाले निर्यात में भारी कमी है। कभी यूरोप के लिए प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहे रूस का समुद्री मार्ग से डीजल और गैसऑयल निर्यात अगस्त के पहले 25 दिनों में औसतन 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन ही रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.1 लाख बैरल प्रतिदिन कम है और पांच वर्षीय मौसमी औसत से लगभग 81 प्रतिशत नीचे है।

रिपोर्ट के अनुसार, रूस द्वारा 1 सितंबर से डीजल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बावजूद आपूर्ति में तत्काल सुधार की संभावना कम है। इसकी बड़ी वजह यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा अवसंरचना पर किए जा रहे ड्रोन हमले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल जुलाई और अगस्त के दौरान रूसी रिफाइनरियों पर 32 ड्रोन हमले दर्ज किए गए, जिससे उत्पादन और निर्यात क्षमताएं प्रभावित हुई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि रूस से आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है और यूरोप की मांग मजबूत बनी रहती है, तो भारतीय रिफाइनरियों के लिए निर्यात अवसर और बढ़ सकते हैं। हालांकि इसके लिए भारत को कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी रिफाइनिंग मार्जिन बनाए रखने की चुनौती का भी सामना करना होगा।

भारत की बढ़ती उपस्थिति यह भी दर्शाती है कि देश अब केवल एक बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनता जा रहा है। यूरोप के डीजल बाजार में भारतीय रिफाइनरियों की भूमिका आने वाले महीनों में वैश्विक ऊर्जा व्यापार के प्रमुख रुझानों में से एक बनी रह सकती है।

 

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

लगातार तीसरे सप्ताह एफआईआई ने की बिकवाली, डीआईआई ने खरीदारी जारी रखकर संभाला बाजार

लगातार तीसरे सप्ताह एफआईआई ने की बिकवाली, डीआईआई ने खरीदारी जारी रखकर संभाला बाजार

अगले हफ्ते कच्चे तेल, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और बढ़ती बॉन्ड यील्ड समेत इन कारकों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते कच्चे तेल, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और बढ़ती बॉन्ड यील्ड समेत इन कारकों पर रहेगी बाजार की नजर

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर सभी सेक्टर्स के अच्छे प्रदर्शन का परिणाम : विजय कलंत्री

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर सभी सेक्टर्स के अच्छे प्रदर्शन का परिणाम : विजय कलंत्री

भारतीय शेयर बाजार लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद बढ़त के साथ बंद; सेंसेक्स 76,500 के पार

भारतीय शेयर बाजार लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद बढ़त के साथ बंद; सेंसेक्स 76,500 के पार

सेल की बिक्री अगस्त में 13 प्रतिशत बढ़ी, उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहा

सेल की बिक्री अगस्त में 13 प्रतिशत बढ़ी, उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहा

अडानी पोर्ट्स अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने को मुंद्रा में डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड का संचालन शुरू करेगी

अडानी पोर्ट्स अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने को मुंद्रा में डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड का संचालन शुरू करेगी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देशभर में 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा व्यापार होने की उम्मीद

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देशभर में 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा व्यापार होने की उम्मीद

एआई से स्टार्टअप्स की रफ्तार बढ़ेगी, दुनिया देखेगी उद्यमिता का सबसे बड़ा उछाल: सैम ऑल्टमैन

एआई से स्टार्टअप्स की रफ्तार बढ़ेगी, दुनिया देखेगी उद्यमिता का सबसे बड़ा उछाल: सैम ऑल्टमैन

भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी

भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी