चंडीगढ़ : पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने पंजाब सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगर सरकार सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत हासिल कर सकती है तो 10 दिनों के भीतर ले आए, अन्यथा 21 सितंबर को अगली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुना सकता है।
यह मामला कर्मचारियों की ओर से हाईकोर्ट के 3 अगस्त के आदेशों का पालन न करने के आरोप में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दोबारा अदालत में पहुंचा था। कर्मचारियों के वकील ने अदालत को बताया कि सरकार ने तय समय के भीतर न तो DA का बकाया जारी किया और न ही हाईकोर्ट द्वारा मांगी गई अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की।
अदालत ने पहले भी स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जब तक कर्मचारियों के सभी बकाये का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक सरकार प्रिंट और सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर विज्ञापन जैसे खर्च नहीं करेगी। इसके साथ ही बकाया राशि पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज लगाने के भी आदेश दिए गए थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। हालांकि, अब यह देखना होगा कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुड़ी कोई सुनवाई होती है या नहीं।