नशामुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के तहत देशभर में अब तक 34.54 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंच बनाई गई है, जिनमें 13.70 करोड़ से अधिक युवा और 10.64 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए 1.67 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र अभियान से जुड़े हैं, जबकि देशभर में 31.40 लाख से अधिक जागरूकता और आउटरीच गतिविधियां आयोजित की गई हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने प्रशिक्षण, नशामुक्ति केंद्रों के विस्तार और व्यापक जनभागीदारी के जरिए ‘नया भारत, नशामुक्त भारत’ के प्रयासों को मजबूत किया है।
1.67 लाख से अधिक स्वयंसेवकों और कर्मियों को प्रशिक्षण
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने बताया कि व्यसन की पहचान और देखभाल से जुड़ी विशेष कार्यप्रणालियों में 1.67 लाख से अधिक स्वयंसेवकों, सामुदायिक नेताओं और कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इससे मादक पदार्थों की लत की पहचान करने और देखभाल की जरूरत वाले लोगों तक सहायता पहुंचाने की सामुदायिक क्षमता मजबूत हुई है।
दो वर्षों में 755 से अधिक नए नशामुक्ति केंद्र
उपचार तक पहुंच बढ़ाने के लिए पिछले दो वर्षों में 755 से अधिक नए नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें जिला नशामुक्ति केंद्र (डीडीएसी), नशा उपचार केंद्र (एटीएफ) और जेलों में स्थापित नशामुक्ति केंद्र शामिल हैं।
एनएपीडीडीआर के तहत राज्यों और संस्थाओं को सहायता
मंत्रालय राष्ट्रीय मादक द्रव्य मांग न्यूनीकरण कार्यक्रम (एनएपीडीडीआर) के तहत राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, गैर सरकारी संगठनों और सरकारी अस्पतालों को निवारक शिक्षा, जागरूकता, परामर्श, उपचार और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
31.40 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित
सुधांश पंत ने बताया कि राष्ट्रव्यापी जागरूकता गतिविधियों के जरिए अभियान की पहुंच 34.54 करोड़ से अधिक नागरिकों तक बनी है। इनमें 13.70 करोड़ से अधिक युवा और 10.64 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए 1.67 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र अभियान से जुड़े हैं। देशभर में 31.40 लाख से अधिक जागरूकता और संपर्क गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं।
34 लाख से अधिक लोगों ने ली नशा मुक्ति प्रतिज्ञा
मंत्रालय के अनुसार, देशभर में ई-प्रतिज्ञाओं सहित कुल नशा मुक्ति प्रतिज्ञाओं की संख्या 34 लाख से अधिक हो चुकी है। नशा मुक्ति प्रतिज्ञा का उद्देश्य लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना, उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करना और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। यह पहल युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए भी प्रोत्साहित करती है।
10 करोड़ नागरिकों को सामूहिक प्रतिज्ञा से जोड़ने का लक्ष्य
सुधांश पंत ने कहा कि मंत्रालय का लक्ष्य प्रत्यक्ष और ऑनलाइन भागीदारी के जरिए 10 करोड़ से अधिक नागरिकों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय सामूहिक प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एनएमबीए की छठी वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर की सामूहिक प्रतिज्ञा इस महीने के अंत तक आयोजित की जाएगी।
‘एनएमबीए 2.0’ ऐप से नजदीकी नशामुक्ति केंद्र की जानकारी
उपचार सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने के लिए मंत्रालय ने ‘एनएमबीए 2.0’ मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है। इसके माध्यम से नागरिक अपने आसपास के नशामुक्ति केंद्र का पता लगा सकते हैं। एनएमबीए पोर्टल (https://www.dosje.gov.in/organisation/nasha-mukt-bharat-abhiyaan/) पर अभियान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है और एनएमबीए ई-प्रतिज्ञा (https://nashamukt.dosje.gov.in/epledge) के जरिए ऑनलाइन प्रतिज्ञा ली जा सकती है।