धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश की 1052 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई है। 3613 पंचायतों में से टीबी मुक्त होने में पहली बार एक हजार का आंकड़ा पार किया है। इस मर्तबा पहली बार 364 पंचायतों ने गोल्ड व सिल्वर स्टेटस भी प्राप्त करने का गौरव हासिल किया है। इसमें प्रदेश की 131 पंचायतों को गोल्ड स्टेटस व 233 को सिल्वर स्टेटस के साथ सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश भर के सभी 12 जिलों में से सबसे अधिक ऊना, शिमला व कांगड़ा की पंचायतों ने गोल्ड व सिल्वर स्टेटस प्राप्त किया है। पंचायतों की संख्या की दृष्टि से कांगड़ा सबसे अधिक 814 में से 287 पंचायतें टीबी मुक्त हुई है। इसमें 69 ने सिल्वर व 37 ने गोल्ड स्टेटस प्राप्त किया है। जिला ऊना की 245 में से 158 पंचायतें टीबी मुक्त हो गई है, जिसमें 27 गोल्ड व 44 सिल्वर प्राप्त करने में कामयाब रही है। इसके साथ ही शिमला की 412 में से 141 टीबी मुक्त हुई है, जिसमें 23 गोल्ड व 34 ने सिल्वर इनाम प्राप्त किए हैं।
इसमें सबसे दयनीय हालत मंडी जिला की बनी हुई है, जिसमें 557 पंचायतों में से मात्र 77 ही पंचायतें टीबी मुक्त हुई है, जिसमें पांच गोल्ड व मात्र 14 ही सिल्वर है। इसके अलावा कुल्लू जिला की कुल 235 पंचायतों में से 35 टीबी मुक्त हुई है। सिरमौर की 259 में से 41, जिसमें चार गोल्ड व 11 सिल्वर पदक पर शामिल है। सोलन 240 में से 44 टीबी मुक्त हुई है, जिसमें सात गोल्ड व छह सिल्वर पंचायत स्टेट्स में सीमटे हुए हैं। समस्त हिमाचल प्रदेश की बात की जाए, तो 3613 में से 1052 पंचायतों के टीबी मुक्त हुई है, जिसमें 131 गोल्ड व 233 सिल्वर स्टेस्ट शामिल है।