गुरुग्राम: गुरुग्राम के फ्लैट से पश्चिम बंगाल की एक महिला को मुक्त कराया गया है। उसे कथित तौर पर 2 साल से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया था। उससे रोज 16 घंटे घरेलू काम करने पर मजबूर किया गया। गुरुग्राम में बंगाल की महिला को बंधक बना 16 घंटे काम; तकनीशियन बना फरिश्ता गुरुग्राम में पश्चिम बंगाल के बीरभूम की एक 39 वर्षीय महिला को दो साल से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। महिला को रोजाना 16 घंटे से अधिक घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया गया और प्रताड़ित भी किया गया। फ्लैट की आधुनिक सुरक्षा प्रणाली के कारण वह बाहर नहीं आ पा रही थी। एक तकनीशियन की मदद से उसने अपने परिवार से संपर्क किया। इसके बाद प्रशासन, पुलिस और गैर-सरकारी संगठनों के संयुक्त प्रयास से उसे सुरक्षित मुक्त कराया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीरभूम जिले की 39 वर्षीया भादु मांडी को शुक्रवार को गुरुग्राम जिला प्रशासन, पुलिस, नागरिक समाज संगठनों और अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद छुड़ाया गया। महिला को 40 हजार रुपये के अग्रिम भुगतान के बाद घरेलू सहायिका के तौर पर गुरुग्राम ले जाया गया था। उससे वहां कथित तौर पर रोजाना 16 घंटे से अधिक समय तक काम करने पर मजबूर किया गया और फिजिकली टॉर्चर भी किया गया।
फ्लैट आधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणाली से लैस था, जिसके कारण महिला घर पर अपनी पीड़ा नहीं बता पाई। आरोप है कि उसे परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। यह मामला इसी साल मार्च में तब सामने आया जब भादु मांडी की बहन लक्ष्मी टुडू ने यहां अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। परिजनों ने बताया कि एक तकनीशियन मरम्मत के काम के लिए फ्लैट में आया था, उसकी मदद से भादु ने अपने परिवार से संपर्क किया।
श्रम विभाग के आदेश पर ऐक्शन
महिला ने परिवार को आपबीती बताई और मदद मांगी। एनजीओ 'नारी ओ शिशु कल्याण केंद्र' ने परिवार से विस्तृत जानकारी ली और उसकी रिहाई के लिए सरकारी एजेंसियों से तालमेल बिठाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और श्रम विभाग को भी इसमें शामिल किया गया। जांच के बाद श्रम विभाग ने इसे बंधुआ मजदूरी का मामला माना और बीरभूम जिलाधिकारी को तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया।
मालिकों को पेश होने के निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर इलामबाजार थाने में शिकायत दर्ज की गई। बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम, 1976 एवं बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम गुरुग्राम पहुंची और भादु को छुड़ाया। बचाव अभियान के दौरान फ्लैट के मालिक वहां नहीं थे और उनके दरवाजे पर नोटिस चिपकाकर उन्हें स्थानीय पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भादु के रविवार को वापस लौटने पर यहां पुलिस उसका बयान दर्ज करेगी।