मध्य प्रदेश में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं, युवाओं और छोटे किसानों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को अधिक समावेशी, आधुनिक और लाभकारी बनाना है, ताकि खेती केवल पारंपरिक गतिविधि न रहकर एक लाभदायक और तकनीक आधारित क्षेत्र बन सके।
महिलाओं की भूमिका मजबूत करने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि में महिलाओं की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांवों और खेतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई नीतियों और तकनीकी सहायता पर काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि महिलाएं केवल सहायक भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि संबंधी निर्णयों और उत्पादन प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदार बनें।
छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
उन्होंने कहा कि छोटे किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नई तकनीकों, डिजिटल कृषि और वैज्ञानिक खेती के तरीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सटीक खेती, ड्रोन तकनीक और डेटा आधारित कृषि प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और लागत कम की जा सकती है।
युवाओं के लिए कृषि में नए अवसर
मंत्री ने युवाओं को कृषि क्षेत्र की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि युवा कृषि को नवाचार और स्टार्टअप के नजरिए से देखें तो यह क्षेत्र रोजगार और उद्यमिता के बड़े अवसर प्रदान कर सकता है। सरकार इस दिशा में विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है।
जलवायु परिवर्तन से निपटने की तैयारी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बदलते मौसम, अनियमित वर्षा और पर्यावरणीय दबाव के कारण खेती के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि जलवायु-संवेदनशील कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती को अपनाने की आवश्यकता है। साथ ही डिजिटल कृषि प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में भी निरंतर काम किया जा रहा है।
ब्रिक्स बैठक में उठेंगे कृषि और खाद्य सुरक्षा के मुद्दे
उन्होंने बताया कि ब्रिक्स की बैठक के दौरान कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों के अधिकार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। आगामी घोषणापत्र में छोटे किसानों के हितों, बीजों पर किसानों के अधिकार और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप बताया।
विदेशी प्रतिनिधियों को दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विरासत
मंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए मांडू और मांडवगढ़ जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इससे न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचय मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।