नई दिल्ली: जानकारी के अनुसार, एयरबस सी-295 एक अत्याधुनिक, बहुमुखी और नई पीढ़ी का सैन्य परिवहन विमान है, जो वायुसेना के पुराने एएन-32 और एवरो विमानों की जगह लेगा। भारत ने कुल 56 सी-295 विमानों का सौदा किया है। किसी की मांग का सिंदूर उजड़ा, कहीं चल रही थी शादी की तैयारी; शहीदों के घरों में कोहराम असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए विमान हादसे में भारतीय वायुसेना के पांच जवानों के शहीद होने से उनके परिजनों में कोहराम मचा है। किसी की शादी की तैयारियां चल रही थीं तो कहीं मांग का सिंदूर उजड़ गया है। शहीदों में 32 वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह भी शामिल थे। वह अपने घर के इकलौते चिराग थे और दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित कंडेरा गांव निवासी प्रशांत तोमर का परिवार फिलहाल देहरादून के सेलाकुई के राजा रोड पर रहता है। दो साल पहले ही उनकी शादी ऐश्वर्या से हुई थी। वह असम में पेशे से वकील हैं और वर्तमान में प्रशांत के साथ असम में रह रहीं थीं। जैसे ही उनकी शहादत की खबर घर देहरादून और बागपत पहुंची तो परिजन सदमे में आ गए।
प्रशांत तोमर के पिता उमेश सिंह सीआरपीएएफ से डिप्टी कमांडेंट पद से सेवानिवृत्त हैं। वह पत्नी बृजेश सिंह के साथ राजा रोड स्थित मकान में रहते हैं। प्रशांत के ताऊ प्रमोद तोमर ने बताया कि प्रशांत सिंह की अब तक कोई संतान नहीं है। प्रशांत की एक बड़ी बहन हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वह लखनऊ में रहती हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वायुसेना के पांच बहादुर एयर वॉरियर्स के निधन से बहुत दुख हुआ है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनके परिवारवालों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि की शहादत का समाचार अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
दो घंटे पहले शुभम ने मां से की थी बात
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार बिहार के जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव के रहने वाले थे। शुभम कुमार की शहादत से पूरा इलाका गमगीन है। दुर्घटना से ठीक दो घंटे पहले शुभम ने अपनी मां से वीडियो कॉल से बात की थी। शुभम ने कहा था, अभी जल्दी में हूं। फ्री होते कॉल करता हूं। शुभम ने वर्ष 2021 में वायु सेना में योगदान दिया था।
माता-पिता के इकलौते पुत्र थे शहीद दानिश
हादसे में बिहार के ही भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के कायमनगर निवासी वायु अग्निवीर 22 वर्षीय दानिश आलम शहीद हो गए। दानिश आलम, मो. फारूक आलम के इकलौते पुत्र थे। वह अक्तूबर 2025 में ही वायु अग्निवीर के रूप में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे और उनकी पहली पोस्टिंग असम के जोरहाट में हुई थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे में पांच जांबाजों के शहीद होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
खेमाराम के गांव में चूल्हे तक नहीं जले
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। नावां क्षेत्र के पांचोता गांव के रहने वाले जांबाज अग्निवीर खेमाराम कुमावत के पूरे गांव में मातम पसर गया और चूल्हे तक नहीं जले। हादसे से हर कोई सदमे में है।
शहीद जितेंद्र शर्मा के जाने से टप्पल क्षेत्र में मातम पसरा
विमान हादसे में जिले के टप्पल क्षेत्र स्थित गांव सालपुर निवासी एवं भारतीय वायुसेना के सार्जेन्ट जितेंद्र शर्मा देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। कुछ दिनों बाद जितेंद्र की शादी की शहनाई गूंजनी थी। पिछले दिनों जब जितेन्द्र छुट्टी पर आए हुए थे, तब शादी के लिए लड़की देखी गई थी शहादत की खबर मिलते ही गांव सालपुर सहित पूरे टप्पल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, जितेंद्र शर्मा का चयन भारतीय वायुसेना में 1 जनवरी 2015 को हुआ था। वे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत थे।
इस साल वायुसेना विमान का पांचवां हादसा
21 जनवरी 2026- प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में वायुसेना का प्रशिक्षण विमान उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, दोनों पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हो गए थे।
सात फरवरी 2026- पश्चिमी मोर्चे के एक अग्रिम एयरबेस पर तेजस विमान टेक-ऑफ के दौरान रनवे से बाहर चला गया था। पायलट की जान बच गई, हालांकि उन्हें काफी चोटें आई थीं।
पांच मार्च 2026- असम के कार्बी आंगलोंग में सुखोई विमान क्रैश होन से स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुरागकर की जान चली गई थी। दुरागकर ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे थे।
17 अप्रैल 2026- पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण उड़ान के बाद वायुसेना का सुखोई विमान की हार्ड लैंडिंग हुई थी। दोनों पायलट सुरक्षित रहे।
जोरहाट में एएन-32 विमान हादसा इस साल की पांचवीं दुर्घटना है। जनवरी 2026 से अब तक भारतीय वायुसेना के चार और विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। जानकारी के अनुसार, एयरबस सी-295 एक अत्याधुनिक, बहुमुखी और नई पीढ़ी का सैन्य परिवहन विमान है, जो वायुसेना के पुराने एएन-32 और एवरो विमानों की जगह लेगा। भारत ने कुल 56 सी-295 विमानों का सौदा किया है। इनमें से 16 स्पेन से बनकर आएंगे, जबकि 40 विमानों का निर्माण गुजरात के वडोदरा में टाटा और एयरबस मिलकर कर रहे हैं।