चंडीगढ़ : हसनपुर कृषि मेले को लेकर क्षेत्र के किसानों में जोश और उत्साह का माहौल है। पूर्व कृषि औमप्रकाश धनखड़ ने पटौदा में किसानों से मुलाकात के दौरान बताया कि दिल्ली एनसीआर बाजार में प्रतिदिन फल, फूल सब्जी, दूध, खाद्य उत्पाद, शहद, फिश आदि का लगभग 400 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। यानि साल का एक लाख करोड़ रुपए से अधिक। हम मेहनती हैं, खेती की जमीन हमारे पास है, नई नई तकनीक अपनाने में हमारे युवा सक्षम है, फिर भी हम दिल्ली एनसीआर के बाजार में अपनी हिस्सेदारी नहीं बढ़ा पा रहे हैं। अगर हम बाजार की जरूरत की आधी मांग भी पूरी कर दें तो हर रोज हमारे किसानों के पास 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आय का कारोबार होगा। मुनीमपुर गावँ में फूल की खेती के लिए उत्तम किस्म की पौध ,बीज और ट्रेनिंग देने का प्रावधान हमने इजरायल की तर्ज पर किया है। वहीं सब्जी और फल के लिए रईया में उत्कृष्टता केंद्र किसानों की मदद के लिए तैयार किया गया है। पूर्व कृषि मंत्री एवं मेले के आयोजक धनखड़ ने कहा कि किसानों को जागरूक करने, खेती की नई तकनीक से अवगत कराने, सफल किसानों के अनुभव साझा करने,कृषि और मार्केटिंग विशेषज्ञों से लाभकारी जानकारी अपने किसानों तक पहुंचाने के लिए हसनपुर में पीएम मोदी जी से प्रेरित होकर सेवा भाव के तहत कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है।
हमारा उद्देश्य किसानों उद्यमी बनाना है। उद्यमशीलता से ही हमारा किसान प्रॉफिट में आएगा। उन्होंने कहा कि पहले कृषि शिखर सम्मेलन बड़े बड़े शहरों में आयोजित होते थे। इस बार हम कृषि शिखर सम्मेलन 2026 को अपने किसानों के बीच 23 अक्टूबर को एमआर स्कूल हसनपुर में आयोजित कर रहे है। कृषि मेले में किसानों के जलपान के लिए भंडारा भी चलेगा। कृषि मेले में किसानों के लिए ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल,स्कूटी ईनाम
पूर्व कृषि मंत्री धनखड़ ने बताया कि मेले में पहुंचने वाले किसानों को लक्की ड्रॉ के माध्यम से ट्रैक्टर, रोटावेटर , मोटरसाइकिल और महिलाओं को स्कूटी मिलेगी। कृषि मेले में ड्रॉ निकला जाएगा और मौजूद किसान को इनाम दिया जाएगा।
किसानों को उद्यमशीलता के टिप्स देंगे विशेषज्ञ
किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि पदम श्री किसान और पशु पालक मेले में अपनी सफलता के अनुभव हमारे किसानों के साथ साझा करेंगे। वहीं कृषि उद्यमी कृषक विकास चैंबर के विशेषज्ञ विशेष रूप से किसानों को खेती को उद्यमशीलता में बदलने के टिप्स देंगे। धनखड़ ने कहा कि जिलाभर से ज्यादा से ज्यादा किसानों को मेले में पहुंचकर लाभ लेना चाहिए, साथ ही ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, रोटावेटर,स्कूटी जितने के लिए अपनी किस्मत भी आजमानी चाहिए।