बठिंडा : बॉलीवुड अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत के खिलाफ चल रहे चर्चित मानहानि मामले की सुनवाई शनिवार को स्थानीय अदालत में नहीं हो सकी। वकीलों की हड़ताल के चलते अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की है। अब अगली तारीख पर गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के साथ-साथ कंगना रनौत के पासपोर्ट जब्त करने संबंधी आवेदन पर भी सुनवाई होने की संभावना है।
बेबे महिंदर कौर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता रघुबीर सिंह बहनीवाल ने बताया कि शनिवार को अदालत ने बेबे महिंदर कौर और उनके पोते गुरप्रीत सिंह को गवाही के लिए बुलाया था, लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण अदालत में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इस वजह से गवाहों की पेशी टल गई और अदालत ने अगली सुनवाई 3 अगस्त के लिए निर्धारित कर दी। उन्होंने बताया कि अगली तारीख पर गवाहों के बयान दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही कंगना रनौत के पासपोर्ट जब्त करने संबंधी आवेदन पर भी बहस होगी। अदालत के आदेश के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
किसान आंदोलन के दौरान शुरू हुआ था विवाद
यह मामला दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में चले किसान आंदोलन के दौरान सामने आया था। बठिंडा जिले के गांव बहादुरगढ़ जंडियां निवासी बेबे महिंदर कौर ने कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। महिंदर कौर का आरोप है कि कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट सांझा करते हुए किसान आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं के बारे में टिप्पणी की थी कि वे "100-100 रुपये लेकर धरने पर आती हैं।"
बेबे महिंदर कौर का कहना है कि इस टिप्पणी से उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, जिसके चलते उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले को समाप्त कराने के लिए कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की। इसके बाद मामला स्थानीय अदालत में विचाराधीन है, जहां अब अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।