स्वास्थ्य के क्षेत्र में हिमाचल को मजबूत करने की दिशा में प्रदेश सरकार निरंतर कदम बढ़ा रही है। आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कालेजों में बेस्ट ऑटोमेशन लैब स्थापित की जाएंगी। इन लैब में महज ब्लड का एक सैंपल देने पर 1200 प्रकार के टेस्ट हो जाएंगे। मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए बार-बार रक्त का नमूना देने की आवश्यकता नहीं होगी। मेडिकल कॉलेज के डायग्नोस डिपार्टमेंट को सबसे बेहतर बनाया जाएगा। दिल्ली की तर्ज पर हिमाचल के मेडिकल कालेजों में स्वास्थ्य की सुविधा मिलेगी।
यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नादौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हैल्थ और एजुकेशन को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर जिला के करंडोला में प्रदेश सरकार अलाइड हैल्थकेयर कालेज बनाने जा रही है। यहां डायलिसिस टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ओटीए सहित 10 कोर्स आरंभ किए जाएंगे।
हिमाचल को पांच साल बाद मिलेंगे 1200 करोड़
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अनुराग ठाकुर को जानकारी का अभाव है। वह 20 साल से सांसद हैं, लेकिन हिमाचल के लिए कुछ खास नहीं कर पाए। हिमाचल के हक की बात को भी केंद्र सरकार के समक्ष नहीं उठा सके। सीएम ने कहा कि किशाऊ प्रोजेक्ट मिलने से आगामी पांच साल बाद 1200 करोड़ का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना से हिमाचल को बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
किशाऊ प्रोजेक्ट के समझौते के अनुरूप हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ा लाभ है कि हमें किशाऊ बांध से उत्पादित होने वाली 211 मेगावाट बिजली का खर्च हिमाचल को वहन नहीं करना पड़ेगा। यह सारा खर्च वही राज्य वहन करेंगे, जो पानी का उपयोग करेंगे। 422 मेगावाट की यह परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित टौंस नदी पर 156,624 करोड़ की अनुमानित लागत से बनेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।