शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एंट्री टैक्स को लेकर हो रहे विरोध को लेकर कहा कि सरकार द्वारा इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस विषय पर स्वयं बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एंट्री टैक्स 12 चक्का गाड़ी पर बढ़ाया गया है, जो केवल 40 रुपए तक बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह बड़े टायर वाली गाडिय़ों पर ही बढ़ेगा। इस संबंध में विधायक रणधीर शर्मा ने शून्यकाल के दौरान सरकार द्वारा पहली अप्रैल से प्रदेश में बढ़ाए जा रहे एंट्री टैक्स से संबंधित सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि इस एंट्री का बोझ न केवल आम लोगों पर पड़ेगा, बल्कि इस मामले में पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर भी परेशानी बढ़ सकती हैै और इसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह एंट्री टैक्स बहुत ज्यादा है।
टूटी सडक़ें नहीं हुई दुरुस्त
रीना कश्यप ने शून्य काल के दौरान सडक़ों से संबंधित विषय उठाया। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पच्छाद में कई सडक़ मार्ग हैं, जो हिमाचल को हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कई सडक़ मार्गों को बीते वर्ष हुई बरसात में भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में कई मार्ग अभी भी दुरुस्त नहीं हो पाए है। रीना कश्यप ने उचित कार्यवाही की गुहार लगाई।
जमीन का अधिग्रहण किया जाए
विधायक सुरेश कुमार ने दो स्कूलों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल डगवाणा में बच्चों की संख्या कम है और इसकी बिल्डिंग अच्छी है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में स्पोर्टस होस्टल खोला जाए और कक्षाएं नियमित तरीके से शुरू की जाएं। साथ ही उन्होंने स्कूलों के साथ लगती जमीन के अधिग्रहण को लेकर सभी सरकार से आग्रह किया।
ज्यादातर गुल ही रहती है बिजली
विधायक रणधीर शर्मा ने श्रीनयनादेवी विधानसभा की बिलजी समस्या का मामला सदन में शून्य काल के दौरान उठाया। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बार कट लग रहा है। मौसम खराब होते ही बिलजी चली जाती है और कई दिनों तक नहीं आती। फील्ड स्टाफ की भी कमी है। जब स्टाफ ही नहीं होगा तो इसकी रिपेयर कौन करेगा। रणधीर ने कहा कि जीरो आवर के माध्यम से उठाए गए मुद्दों पर सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इस संबंध में एक कमेटी का गठन किया जाएगा और इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
स्पोटर्स हॉस्टल का मामला उठाया
विधायक लोकेंद्र कुमार ने रामपुर के दत्तनगर में स्पोटर्स हॉस्टल का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस हॉस्टल के लिए कोई पद स्वीकृत नहीं किए गए है जिससे युवाओं को नुकसान होगा। इसके लिए बजट एवं स्टाफ की व्यवव्था की जाए। इसे क्षेत्रिय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
भांग की खेती को पॉलिसी बनाएं
जनक राज ने भांग की खेती को वैध करने को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल और इससे बाहर अभी तक इस विषय पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। वर्तमान समय में जब प्रेदश आर्थिक संकट से जूझ रहा है यदि प्रदेश इस विषय पर पॉलिसी लाएगा तो इससे प्रदेश को काफी लाभ होगा।
सडक़ों को दान देते हैं जमीन
विधायक दीपराज ने कहा कि जो लोग सडक़ों के लिए अपनी जमीन गिफ्ट देते हैं, तो उन्हें बहुत आर्थिक परेशानी होती है। कोई ऐसी नीति बनाई जाए, जो सरकार के नाम जमीन गिफ्ट में देते हैं, उन्हें राहत मिले और गिफ्ट डीड के पैसे ना लगे। कई सडक़ों के पैसे मेंने जेब से भरे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध बिल राष्ट्रपति के पास पैंडिग हैं।
डैमेज घरों का दिया जाए मुआवजा
विधायक बिक्रम सिंह ने कहा कि पिछली बरसात में मेरे विधानसभा में बहुत बड़ा नुकसान हुआ हैं। डह किलोमीटर तक जमीन फट गर्द है। तीन घर हैं, उनका बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। पक्के मकान डैमेज हुए हैं। यह लोग सराए में और दूसरे लोगों के घरों में ंरह रहे हैं, उनको कोई मुआवजा पैकेज नहीं मिला है। इसलिए इनका पैकेज रिलीज करें।
एसएमसी शिक्षकों को इनसाफ
विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि एसएमसी शिक्षकों को 14 वर्ष बाद इनसाफ मिला है। पहले चरण में 1400 अध्यापक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो अध्यापक इस परीक्षा में पास नहीं हुए, उनको फिर से मौका दिया जाए। साथ ही उन्हें पेपर उतीर्ण करने के लिए पांच प्रतिशत की छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में एमएससी के इग्जाम सब डिवीजन क्षेत्र में करवाए जाएं। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 14 वर्ष बाद निर्णय लिया गया कि इन अध्यापकों को एलडीआर के माध्यम से भरेंगे।
सुंदरनगर में सीवरेज सिस्टम बेहाल
विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि सुंदरनगर में सीवरेज की व्यवस्था है। वह 1991 में की गई। अब इस शहर का विस्तार हुआ है और अब यह सीवरेज नालों में बह रही है, जिससे महामारी फैल सकती है। इस स्कीम को अपग्रेड किया जाए। शहर का 70 प्रतिशत क्षेत्र इससे जुड गया था। 30 प्रतिशत नहीं जुड़ पाया। भारत सरकार से इसके लिए स्वच्छ भारत के तहत पैसा मिल रहा है इसकी डीपीआर भारत सरकार को दी जाए। 50 साल पुरानी मल निकासी योजना, बीबीएमबी को भी निर्देश दिए जाएं, ताकि सीवरेज की गंदगी की निकासी सही तरह हो सके।