महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे में टूट के बाद भी राजनीतिक उथल पुथल जारी रहने के आसार हैं। लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने ऐसे संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह 'ट्रेलर है'। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर किसी नेता का नाम नहीं लिया है। हाल ही में उद्धव गुट के 6 सांसदों ने शिवसेना को समर्थन दिया है। अटकलें ये भी हैं कि पार्टी के कुछ विधायक भी दल बदल सकते हैं।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा, 'धमाके पर धमाके होते रहेंगे। पिछले चार साल से हम सिर्फ राजनीतिक झटके ही दे रहे हैं। 'यह तो बस ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।' और आप ही बताइए, क्या आज के लिए इतना काफी नहीं था? दो बड़ी खबरें, जो दोनों ही नेशनल हेडलाइंस बनीं, आपको एक ही दिन में कितनी खबरें चाहिए? कुछ कल के लिए रखिए, कुछ परसों या उसके बाद के लिए। मुझे लगता है कि सुबह से एक के बाद एक ब्रेकिंग न्यूज दिखाते-दिखाते अब तो आप लोग भी थक गए होंगे। आखिर कितना और दौड़-भाग करेंगे? अब आज थोड़ा आराम करिए, शांत रहिए। कल सुबह फिर से एक नई शुरुआत करेंगे।'
शिवसेना यूबीटी में टूट
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ ने बागी सांसदों के पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन टाइगर सफल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों की संख्या के हिसाब से शिवसेना अब महाराष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। ठाकरे खेमे में दल-बदल कराने और सांसदों को अपनी तरफ लाने के लिए शिवसेना के कदम को 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया था।
पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा, 'ये लोकसभा सदस्य अब उस असली शिवसेना में शामिल हो गए हैं, जो दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की सीख का पालन करती है। चार साल पहले मैंने एक कड़ा कदम उठाया था और अब मैंने छक्का मारा है (यह उन सांसदों की संख्या की ओर इशारा है, जिन्होंने पाला बदला है)।'
शिंदे ने कहा, 'मैंने पहले (जून 2022 में शिवसेना में विभाजन) दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों और शिवसेना को बचाने के लिए ऐसा किया था। अब, यह कदम (शिवसेना उबाठा के लोकसभा सदस्यों में बगावत) शिवसेना के विस्तार का दूसरा चरण है।'
चुनाव भी जीतने का दावा
उन्होंने कहा कि वे सभी 2029 के लोकसभा चुनाव में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से शिवसेना के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे और निश्चित रूप से चुने जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, 'महाराष्ट्र एक प्रगतिशील राज्य है। नए लोग हमारी पार्टी से जुड़ रहे हैं, क्योंकि हमारा एजेंडा विकास और प्रगति का है। आप जानते हैं कि मैं अपनी बात का पक्का हूं। लोग मुझ पर और शिवसेना पर भरोसा कर रहे हैं, जो कार्यकर्ताओं और आम लोगों की पार्टी है।'
ये 6 सांसद टूटे
संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व), नागेश पाटिल-आष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी) ने पार्टी में बगावत की है। शिंदे ने पाला बदलने वाले छह सांसदों को जमीन से जुड़े 'धुरंधर' बताते हुए कहा, 'मेरा अभियान एकदम पुख्ता होता है।'
इन बागी नेताओं ने 2024 के आम चुनावों में भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों को हराया था। शिवसेना (उबाठा) ने 2024 के आम चुनाव में महाराष्ट्र में नौ लोकसभा सीट जीती थीं। शिवसेना में बागी सांसदों के शामिल होने से सत्ताधारी गठबंधन महायुति में शिंदे की मोल-भाव करने की ताकत बढ़ने की उम्मीद है; इस गठबंधन में भाजपा और राकांपा भी शामिल हैं।