धर्मशाला : प्रदेश में जनगणना की महा प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। जिला कांगड़ा से इस अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। धर्मशाला स्थित डीआरडीए भवन में आयोजित एक विशेष शिविर के साथ जनगणना के पहले चरण की तैयारियों को पंख लग गए हैं। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बेरवा ने दीप प्रज्वलित कर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। जनगणना प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए जिला नोडल अधिकारी आशीष रस्तोगी की देखरेख में 82 फील्ड ट्रेनरों को तैयार किया जा रहा है।
एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर और वरिष्ठ भूगोलवेत्ता (सीनियर ज्योग्राफर) कंवर विवेक सिंह मास्टर ट्रेनर के रूप में कमान संभाल रहे हैं। यह प्रशिक्षण छह मई तक तीन अलग-अलग चरणों में चलेगा। शिविर में ट्रेनरों को डाटा संग्रहण की नई तकनीकों, डिजिटल उपकरणों के सटीक उपयोग और जनगणना की तकनीकी बारीकियों से लैस किया जा रहा है। ये मास्टर ट्रेनर आगे चलकर अन्य फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे।
15 दिन नागरिक खुद बन सकेंगे जनगणना का हिस्सा
जनगणना में तकनीक और जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। प्रशासन ने नागरिकों को सीधे इस प्रक्रिया से जोडऩे के लिए ऑनलाइन विकल्प प्रदान किया है। पहली जून से 15 जून के बीच आम जनता एक निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेगी। नागरिकों द्वारा भरी गई इस ऑनलाइन जानकारी का बाद में प्रशासन द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
16 जून से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग महाभियान
प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही जनगणना का पहला और बुनियादी चरण शुरू होगा। प्रशासन ने इसके लिए 16 जून से 15 जुलाई तक का समय निर्धारित किया है। इस एक महीने के दौरान फील्ड स्टाफ हाउस लिस्टिंग यानी मकानों के सूचीकरण का कार्य करेगा। इसमें प्रत्येक मकान का विवरण एकत्रित किया जाएगा।