सिरसा : सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि फतेहाबाद के गांव कुम्हारिया के युवाओं अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया की यूक्रेन-रूस युद्ध से जुड़ी दुखद मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक और पीड़ादायक है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति वे अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती है।
सांसद ने कहा कि जानकारी मिली है कि ये युवा बेहतर रोजगार और उज्ज्वल भविष्य की तलाश में विदेश गए थे, जहां उन्हें कथित रूप से नौकरी के नाम पर गुमराह कर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। यह केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि युवाओं की सुरक्षा, विदेश रोजगार व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता से जुड़ा एक गंभीर और चिंताजनक मामला है, जिस पर व्यापक स्तर पर विचार और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
यह विषय पहले भी संबंधित विभागों के संज्ञान में लाया गया था। ऐसे में अपेक्षा थी कि समय रहते प्रभावी और संवेदनशील कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। किंतु दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हो सका, जिसके परिणामस्वरूप एक और परिवार को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले युवाओं के लिए सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कि युवाओं को देश और प्रदेश में ही सम्मानजनक और सुरक्षित रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि उन्हें मजबूरी में जोखिम भरे विकल्प न चुनने पड़ें। साथ ही विदेश जाने वाले श्रमिकों और युवाओं के लिए एक पारदर्शी, सुरक्षित और निगरानी आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। वे केंद्र एवं राज्य सरकार से आग्रह करती है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए, दोषी एजेंटों तथा संबंधित नेटवर्क पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
इसके साथ ही विदेशों में फंसे अन्य भारतीय युवाओं की शीघ्र पहचान कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं ठोस नीति बनाई जाए। यह समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और ठोस निर्णय लेने का है, ताकि देश का कोई भी युवा अपने बेहतर भविष्य की तलाश में इस प्रकार के जोखिम उठाने को विवश न हो और हर परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सके।
हरियाणा के 10 से ज्यादा युवाओं की मौतः
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि 30 अप्रैल 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध में हरियाणा के अब तक 10 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है। ये सभी युवा बेहतर भविष्य के सपने लेकर रूस गए थे, लेकिन एजेंटों के धोखे के कारण रूसी सेना में भर्ती होकर युद्ध क्षेत्र में मारे गए। मृतक युवाओं में (रिपोर्टों के अनुसार) फतेहाबाद- अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया (दोनों कुम्हारिया गांव), रेवाड़ी-अंशु (काठूवास गांव), सोनीपत-अंकित (कुराड़ इब्राहिमपुर गांव), करनाल- विकास और अनुज, कैथल- रवि और कर्मचंद और हिसार का सोनू शामिल है।
इन युवाओं को स्टडी वीजा या सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी का झांसा देकर एजेंटों ने रूस बुलाया था और बाद में जबरन सेना में भर्ती करवा दिया। बहुत से युवाओं को सिर्फ 15 दिन की ट्रेनिंग देकर यूक्रेन के फ्रंटलाइन (युद्ध क्षेत्र) पर भेज दिया जाता है। भारत सरकार को इस दिशा में तत्काल एवं उचित कदम उठाना चाहिए।