चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को एक बड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने पंजाब सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों और बोर्डों में कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते (डीए) की दर 55% देने और पिछली सभी किस्तों का बकाया तीन महीने में चुकाने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
अदालत का आदेश - क्या है मामला?
निरमल सिंह धनोआ सहित कई सरकारी कर्मचारी एवं पेंशनर द्वारा दायर सिविल रिट याचिका (नं. 24698 ऑफ 2025) की सुनवाई में हाईकोर्ट ने 25 अगस्त को फैसला सुनाते हुए पंजाब सरकार को कहा कि वे केंद्रीय पैटर्न के अनुसार डीए का भुगतान करें। फैसले के मुताबिक:
1. 1 जुलाई 2023 से 46%,
2. 1 जनवरी 2024 से 50%,
3. 1 जुलाई 2024 से 53%,
4. 1 जनवरी 2025 से 55% महंगाई भत्ता देना बनता है।
इसके अलावा, 28% से 42% तक जो किस्तें पंजाब सरकार ने अलग-अलग समय पर देर से जारी की थीं, उनका बकाया भी सभी कर्मचारियों-पेंशनरों को देना होगा।
क्या है हाईकोर्ट का आदेश?
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने पंजाब वित्त विभाग को आदेश दिया कि वे पूरे मसले पर तीन महीने के भीतर 'स्पीकिंग ऑर्डर' जारी करें। मतलब, सरकार को स्पष्ट तौर पर सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को नई दरों के अनुसार डीए और बाकि किस्तें अदा करने के फैसले लेने होंगे।
संदर्भ और राहत
पंजाब के कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से केंद्रीय सरकार के पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ते की मांग कर रहे थे। कोर्ट के इस आदेश से लाखों सरकारी कर्मचारियों-पेंशनरों को राहत मिलेगी और सरकार पर भी बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी आएगी।
इस फैसले के बाद पंजाब की सरकार को अगले तीन महीनों में डीए का पूरा आकलन कर सभी पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को उनकी बकाया रकम अदा करनी होगी।