चंडीगढ़ : हरियाणा में देश की पहली पूर्ण रूप से डिजिटल जनगणना होने जा रही है. इसके लिए पूरी तरह से तैयार है. यह जनगणना साल 2027 में होने जा रही है. जनगणना 2027 को कामयाब, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर तैयारियों को शुरू कर दिया है. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों के एक दिवसीय सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया गया.
2027 से बदलेगा विकास का रोडमैप
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं बल्कि आने वाले 10 सालों की विकास नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे की दिशा निर्धारित करने वाला अभियान है. मुख्य सचिव द्वारा अधिकारियों को याद दिलाया गया कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के जरिए हमने कम लिंगानुपात वाले जिलों को पहचाना है जिससे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे लक्षित कार्यक्रम और भी शक्तिशाली हुए हैं.
1 मई से शुरू होगा पहला चरण
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा की तरफ से जानकारी दी गई कि इस जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी. पहले चरण में पहली मई से 30 मई 2026 तक ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ होगी. नागरिकों को 16 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्व- गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का ऑप्शन दिया जाएगा. आनलाइन विवरण भरने के बाद नागरिकों को एसएमएस और ई- मेल के माध्यम से एक विशिष्ट सेल्फ- एन्यूमरेशन आइडी प्रदान की जाएगी.
ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा ऐप
गणना करने वाले कर्मचारी विशेष हाउस लिस्टिंग मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करेंगे, जो एंड्रायड और आइओएस दोनों प्लेटफार्म पर मौजूद होगा. यह ऐप आफलाइन मोड में भी काम करेगी और नेटवर्क मिलते ही डाटा अपने आप सिंक्रोनाइज होगा. रियल- टाइम मानिटरिंग व तकनीकी डैशबोर्ड से हर लेवल पर प्रगति की निगरानी होगी. हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक ललित जैन के मुताबिक 50 हजार हाउस लिस्टिंग ब्लाकों को 203 ग्रामीण और शहरी चार्जों में कवर किया जाएगा.
मिलेगा 25 हजार मानदेय
इस बड़े काम के लिए 50 हजार से ज्यादा गणनाकर्मी और आठ हजार से ज्यादा पर्यवेक्षकों को ड्यूटी मिलेगी. सरकार द्वारा फैसला किया गया है कि दोनों चरण सफलतापूर्वक पूरा करने पर गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा.