हिसार : बीड़ बबरान धाम में चल रहे आठ दिवसीय 53वें बबरान नरेश प्रकटोत्सव व श्रीमद भागवत कथा में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और श्याम बाबा की आराधना की। श्रीमद भागवत कथा के दौरान कथा व्यास कुमार शैलेंद्र पाराशर जी महाराज ने सती चरित्र एवं शिव विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया और अपने अहम को छोडक़र धर्मसम्मत कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर क्वालिटी सीड्स वाले श्री श्याम भक्त नरेश जी यजमान रहे और प्रधान शिव कुमार सिंगल, बीड़ बबरान के सरपंच देवेंद्र नैन, महंत महाराज विनोद शर्मा व निज पुजारी विनय शर्मा सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कुमार शैलेंद्र पाराशर जी महाराज ने कहा कि भक्तों को श्रीमद भागवत कथा का अनुसरण करते हुए हमेशा धर्मसम्मत कार्य करना चाहिए। ऐसा करने से घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी और काम अपने आप बनते जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिवार में पति-पत्नी गाड़ी के दो पहियों के समान हैं। इसलिए पति-पत्नी को किसी भी कार्य में अहम को आड़े नहीं आने देना चाहिए। उन्हें आपस में सामंजस्य स्थापित करके अपना-अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। कथा व्यास शैलेंद्र पाराशर जी ने आगाह किया कि आधुनिकता के चलते और दिखावे की होड़ में पति-पत्नी को अपने परिवार को नहीं तोड़ना चाहिए बल्कि जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।
श्रीमद भागवत कथा में सती चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास शैलेंद्र पाराशर जी ने बताया कि प्रजापति दक्ष की पुत्री देवी सती ने पिता की इच्छा के विरुद्ध भगवान शिव से विवाह किया था। प्रजापति दक्ष द्वारा एक महायज्ञ का आयोजन किया गया लेकिन इसमें शिवजी को आमंत्रित नहीं किया गया। शिवजी के मना करने के बावजूद देवी सती मोहवश अपने पिता के यज्ञ में पहुंच गई लेकिन पिता द्वारा शिवजी का अपमान किए जाने पर सती ने स्वयं को यज्ञ कुंड में अर्पित कर दिया। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस घटनाक्रम से क्रोधित होकर शिवजी सती के शरीर को लेकर दुखी होकर घूमने लगे और भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के टुकड़े कर दिए। जहां-जहां देवी सती के टुकड़े गिरे वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हैं और अनगिनत श्रद्धालु इन शक्तिपीठ पर पहुंचकर देवी की स्तुति करते हैं।
प्रधान शिव कुमार सिंगल ने बताया कि महाभारतकालीन बीड़ बबरान धाम में चल रही श्रीमद भागवत कथा के प्रति श्रद्धालु काफी उत्साहित हैं और प्रतिदिन कथा श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि श्रीमद भागवत कथा 24 फरवरी तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि बबरान नरेश प्रकटोत्सव के अंतर्गत भव्य निशान यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा। 22 फरवरी को प्रात: 9 बजे हिसार के नागोरी गेट स्थित हनुमान मंदिर से बीड़ बबरान धाम तक पैदल निशान यात्रा निकाली जाएगी। 24 फरवरी को बीड़ बबरान धाम पर प्रात: 8.15 बजे बबरान नरेश महाभिषेक किया जाएगा। इसी दिन प्रात: 11.15 बजे पूर्ण आहुति महायज्ञ का आयोजन होगा और रात्रि 8 बजे से प्रभु इच्छा तक कई प्रसिद्ध गायक भजनों के माध्यम से श्याम बाबा की महिमा का गुणगान करेंगे।